By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 23, 2026
उद्योगपति गौतम अदाणी ने रविवार को यहां कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार से मुलाकात की और दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। मुख्यमंत्री शिवकुमार के करीबी सूत्रों ने इस मुलाकात को एक “शिष्टाचार भेंट” बताया। अदाणी समूह के चेयरमैन अदाणी के साथ मुलाकात को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर “दोहरा मापदंड” अपनाने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा।
सूत्रों के मुताबिक, इस परियोजना के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है। हालांकि, निविदा को अभी आधिकारिक रूप से अंतिम रूप नहीं दिया गया है। यह तत्काल पता नहीं चल सका कि शिवकुमार और अदाणी के बीच बातचीत में सुरंग सड़क परियोजना का मुद्दा उठा या मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित रही।
शिवकुमार ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली बार था जब वह (अदाणी) यहां मुझसे मिलने आना चाहते थे। वे यहां कई कारोबार कर रहे हैं। वह शिष्टाचारवश मुझसे मिलने आए थे।’’ इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने इस मुलाकात की आलोचना करते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिवकुमार को अदाणी से मिलने की अनुमति दी थी।
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अशोक ने कहा, “कांग्रेस दिल्ली में अदाणी का विरोध करती है, जबकि कर्नाटक में उसके पक्ष में है। क्या यह दोहरा मापदंड नहीं है?” उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार ने अदाणी के लिए “लाल कालीन बिछा दी” है। अशोक ने शिवकुमार से राहुल गांधी को यह बताने को कहा कि अदाणी एक कारोबारी हैं और केवल कारोबार कर रहे हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर तंज कसते हुए अशोक ने उनसे बेंगलुरु आने और लालबाग या सैंकी टैंक में किसी पेड़ को गले लगाने को कहा जो प्रस्तावित सुरंग सड़क परियोजना से प्रभावित होंगे। भाजपा सुरंग सड़क परियोजना का विरोध कर रही है। पार्टी के सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी इस मुद्दे को लेकर कर्नाटक उच्च न्यायालय का रुख किया है।