By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 19, 2019
नयी दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में ‘लोकतंत्र एवं संविधान’ को खतरा होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि अगर जनता ने मोदी को फिर से सत्ता सौंपी, तो हो सकता है कि हमारे यहां (भारत में) चुनाव न हों या फिर चीन और रूस जैसी स्थिति हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री किसी भी हद तक जा सकते हैं और वह विरोधियों को निशाना बना रहे हैं। प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए गहलोत ने दावा किया कि मोदी ‘मार्केटिंग के मास्टर’ हैं और ‘अगर वह बॉलीवुड में होते तो वह अपने लटके-झटकों एवं अदाओं से देश तथा दुनिया में अलग छाप छोड़ते।’’ गहलोत ने कहा, ‘‘सच्चाई हमारे पक्ष में हैं और हमें विश्वास है कि सच्चाई की ही जीत होगी।’’ यह पूछे जाने पर कि अगर कांग्रेस हार गई तो क्या सच्चाई की हार होगी,उन्होंने कहा, ‘‘ अगर जनता उन्हें जिता देती है..., अगर मोदी जी दोबारा जीत जाते हैं तो इस बात की गारंटी नहीं है कि देश में चुनाव होंगे या नहीं।’’
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गहलोत ने कहा, ‘‘ मोदी जी को चाहिए कि वह मुद्दों की राजनीति करें। पर वहराष्ट्रवाद के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।’’ गहलोत ने सवाल किया ‘‘क्या हम राष्ट्रवादी नहीं हैं?’’ उन्होंने दावा किया कि पी चिदंबरम और दूसरे नेताओं को निशाना बनाया गया है। क्या भाजपा में सभी लोग दूध के धुले हैं? गहलोत ने कहा, ‘‘अमित शाह ने कहा कि हम 50 साल तक राज करेंगे। इसीलिए हम कहते हैं कि ये फासीवादी लोग हैं। विरोधियों को निशाना बनाते हैं, कानून को अपना काम नहीं करने देते।’’ हाल ही शुरू हुए, प्रधानमंत्री के ‘मैं भी चौकीदार’’ अभियान पर कटाक्ष करते हुए गहलोत ने कहा, ‘‘कहीं भी जाओ, लोग कहते हैं कि चौकीदार चोर है। अब उन्होंने ‘मैं भी चौकीदार’ अभियान शुरू किया। सारे मंत्रियों ने ट्विटर हैंडल के नाम बदल लिए। वे बैकफुट पर आ गए हैं। अगर आप वास्तव में चौकीदारी करते हैं तो क्या कालाधन विदेशों से वापस आया? नौकरियों का क्या हुआ?’’ कांग्रेस नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि इनके डीएनए में नफरत और गुस्सा है। ‘‘लोकतंत्र में आपके भीतर सहिष्णुता होनी चाहिए। इनके अंदर सहिष्णुता नहीं है।’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विदेश की धरती पर जनसभाएं करने वाले मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं और इसके लिए उन्होंने भारतीय दूतावासों का दुरुपयोग किया है। गहलोत ने यह भी दावा किया कि भाजपा एवं आरएसएस देश में संविधान से इतर जाकर काम कर रहे हैं और संस्थाओं पर अपनी विचारधारा थोप रहे हैं।