General NS Raja Subramani ने संभाला नए CDS का कार्यभार, सेना को आधुनिक बनाने पर जोर

By एकता | May 31, 2026

भारत सरकार की तरफ से देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाए गए जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने आधिकारिक तौर पर अपना काम संभाल लिया है। वे पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान की जगह ले रहे हैं। इससे पहले वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में देश की सुरक्षा रणनीति में अहम भूमिका निभा रहे थे। अब नए सीडीएस के ऊपर तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने और सेना को आधुनिक बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi ने Mamata Banerjee को किया फोन, Abhishek Banerjee पर हमले को बताया लोकतंत्र पर चोट

पढ़ाई-लिखाई में भी रहे हैं आगे

14 दिसंबर 1985 को 'गढ़वाल राइफल्स' की 8वीं बटालियन में शामिल होने वाले जनरल सुब्रमणि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी के छात्र रहे हैं। उन्होंने भारत के साथ-साथ विदेशों में भी सैन्य शिक्षा हासिल की है। वे ब्रिटेन के जॉइंट सर्विसेज कमांड स्टाफ कॉलेज से पढ़े हैं। उनके पास किंग्स कॉलेज लंदन से एमए और मद्रास यूनिवर्सिटी से डिफेंस स्टडीज में एम.फिल की डिग्रियां हैं।

चीन और पाकिस्तान बॉर्डर का लंबा अनुभव

जनरल सुब्रमणि को भारत की सबसे संवेदनशील और मुश्किल सीमाओं पर सेना का नेतृत्व करने का बहुत लंबा अनुभव है। उन्होंने असम में उग्रवाद के खिलाफ चले 'ऑपरेशन राइनो' में कमान संभाली थी। इसके अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर में इन्फैंट्री ब्रिगेड और सेंट्रल सेक्टर में माउंटेन डिवीजन का नेतृत्व भी किया है। उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की मुख्य स्ट्राइक कोर '2 कोर' की कमान संभालना शामिल है। वे उप थल सेनाध्यक्ष भी रह चुके हैं।

इसे भी पढ़ें: केंद्रीय मंत्री का दावा- पहले गांधी, अब PM Modi हैं India के सबसे बड़े Brand Ambassador

विदेशी मामलों और खुफिया विभाग के एक्सपर्ट

फील्ड में सेना का नेतृत्व करने के साथ-साथ जनरल सुब्रमणि ने कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक पदों पर भी काम किया है। वे कजाकिस्तान में भारत के डिफेंस अटाशे (सैन्य दूत) के रूप में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने रक्षा मंत्रालय के मिलिट्री इंटेलिजेंस के उप महानिदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उत्तरी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ रहते हुए उन्होंने चीन और पाकिस्तान दोनों सीमाओं की चुनौतियों को बहुत करीब से देखा है।

सर्वोच्च सैन्य सम्मानों से नवाजे गए

देश के प्रति उनकी शानदार और समर्पित सेवा के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा कई बड़े सैन्य सम्मान दिए जा चुके हैं। इनमें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं।

प्रमुख खबरें

Hanuman Ansh का मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान भजन वायरल, ट्रेन में गाना गाने वाले गायक Suneel Lodhi को मिली नई पहचान

Famous Temple: देश के 10 Famous Krishna Temples जहां दर्शन मात्र से पूरी होती है भक्तों की हर मनोकामना

Jio Recharge Offer: 84 Days Validity के साथ Unlimited 5G Data, Netflix और Gemini Access

मोहन भागवत की अमेरिका यात्रा: भारतीय चिंतन की सार्थक प्रस्तुति