By Ankit Jaiswal | Apr 14, 2026
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री गतिविधियों पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। इसी कड़ी में एक अमेरिकी प्रतिबंधित तेल टैंकर की गतिविधियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल बढ़ा दी है।
गौरतलब है कि यह टैंकर पहले भी अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आ चुका है। इसे ईरान को ऊर्जा प्रतिबंधों से बचाने में मदद करने के आरोप में 2023 में काली सूची में डाला गया था। इस वजह से इसकी हर गतिविधि पर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां और बाजार विशेषज्ञ नजर बनाए हुए हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने ओमान की खाड़ी और अरब सागर में अपनी नौसैनिक तैनाती बढ़ा दी है, ताकि ईरान से जुड़े जहाजों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा सके। ऐसे में इस टैंकर का अचानक रास्ता बदलना नाकेबंदी के असर और उसके क्रियान्वयन को लेकर संकेत देता है।
बता दें कि समुद्री ट्रैकिंग में भी कई तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में सिग्नल जामिंग और गलत लोकेशन दिखाने जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे जहाजों की वास्तविक स्थिति का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
गौरतलब है कि “रिच स्टैरी” पहली बार ऐसा नहीं कर रहा है। इससे पहले भी यह टैंकर होर्मुज के पास अपनी दिशा बदल चुका है, जिससे इसकी गतिविधियों पर संदेह और गहरा गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, एक अन्य टैंकर “एलपिस” भी इसी दौरान इस क्षेत्र में देखा गया, जो पहले ईरान के एक बंदरगाह पर रुका था और बाद में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था। ऐसे जहाज भी अमेरिकी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि असली मुद्दा केवल जहाजों के गुजरने का नहीं है, बल्कि यह है कि अमेरिका किस स्तर तक कार्रवाई करता है और किन जहाजों को निशाना बनाता है। यही आने वाले समय में वैश्विक तेल सप्लाई और कीमतों की दिशा तय करेगा।