By अनन्या मिश्रा | May 28, 2026
भारतीय मेडिकल कॉलेजों में MBBS में एडमिशन तब मिलता है, जब छात्र ने NEET एग्जाम क्वालिफाई किया हो। हर साल लाखों की संख्या में स्टूडेंट्स NEET एग्जाम में बैठते हैं। लेकिन ऐसे बहुत सारे स्टूडेंट्स हैं, तो भारत नहीं बल्कि विदेश में MBBS करना चाहते हैं। वहीं हर साल बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं, जिनको भारत में एडमिशन नहीं मिल पाता है। फिर वह स्टूडेंट्स विदेश में पढ़ने के लिए जाते हैं।
ऐसे बहुत से छात्र होते हैं, जिनको लगता है की वह बिना NEET का एग्जाम दिए विदेश में पढ़ाई करके डॉक्टर बन जाएंगे। लेकिन इस गलतफहमी की वजह से उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो सकता है। इसलिए विदेश में MBBS करने के लिए NEET की जरूरत और NMC के नियमों को जानना औऱ समझना जरूरी है। लेकिन क्या रूस में MBBS करने के लिए NEET जरूरी है, तो इसका जवाब हां है। NMC द्वारा निर्धारित कुछ खास शर्तों के तहत भारतीय स्टूडेंट्स के लिए NEET जरूरी है।
NMC के अनुसार, FMGL 2021 नियम हैं कि मई 2018 या फिर उसके बाद विदेश में एडमिशन लेने वाले भारतीय स्टूडेंट्स या OCI स्टूडेंट्स के लिए NEET पास होना जरूरी है। क्योंकि NEET की एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट के रूप में काम करता है। इसके बिना विदेश में मेडिकल पढ़कर भारत आने वाले स्टूडेंट्स FMGE या NExT जैसे स्क्रीनिंग एग्जाम में नहीं बैठ सकते हैं। जिसका मतलब यह हुआ कि बिना NEET के भले ही आपको रूस के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल जाए, लेकिन आप भारत में डॉक्टर नहीं बन सकते हैं।
आसान भाषा में समझा जाए, तो भारतीय छात्रों को बिना NEET क्वालिफाई किए रूस के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिल जाता है। वह MBBS खत्म करके डॉक्टर भी बन जाते हैं। लेकिन जब आप भारत आकर प्रैक्टिस करना चाहते हैं, तो इसकी इजाजत नहीं मिलती है। जिसके पीछे का कारण यह है कि वह FMGE एग्जाम में नहीं बैठ सकते हैं। क्योंकि उन्होंने NEET एग्जाम पास नहीं किया है। इस परीक्षा को देने की पहली शर्त यह है कि आपने NEET पास किया हो। हालांकि अगर आपका भारत में प्रैक्टिस का इरादा नहीं है, तो बिना NEET क्वालिफाई किए रूस में MBBS करके वहीं डॉक्टर की नौकरी कर सकते हैं।