घाना की संसद ने अंतिम फांसी के 30 साल बाद मृत्युदंड समाप्त करने के लिए मतदान किया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 27, 2023

घाना की संसद ने राजद्रोह को छोड़कर अन्य सभी अपराधों के लिये मृत्युदंड को कानूनी रूप से खत्म करने के पक्ष में मतदान किया है। इस मतदान से घाना में पिछले तीन दशकों से फांसी की सजा पर स्वत: रोक को औपचारिक रूप मिल गया है। घाना में किसी अपराध के लिये आखिरी बार 1993 में फांसी दी गई थी। मंगलवार को संसद सत्र के दौरान कानून निर्माताओं ने अपराध से जुड़े कानून में प्रस्तावित संशोधन का मतदान के जरिये समर्थन किया। प्रस्तावित विधेयक को अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद कानूनी मान्यता मिल जाएगी। संसद की कार्यवाही का राष्ट्रीय टेलीविजन पर सीधा प्रसारण किया गया। कानून में बदलाव के बाद छह महिलाओं समेत उन 176 कैदियों की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया जाएगा जिन्हें विभिन्न अपराधों में दोषी ठहराए जाने के बाद मौत की सजा सुनाई गई थी।

न्याय प्रक्रिया में गलतियां होना सामान्य बात है और पुलिस जांच में भी गलतियां होती है इसलिए इस तरह की प्रथा पर कायम नहीं रहा जा सकता। हालांकि, घाना में हर कोई नहीं मानता है कि इस कानून को समाप्त कर दिया जाना चाहिए। राजधानी अक्करा के एक सामाजिक कार्यकर्ता रेमंड कुदाह ने कहा, यह कुछ लोगों को अपराध की दुनिया में बने रहने के लिये प्रोत्साहित करेगा, क्योंकि उसे पता है कि अपराध करने के बाद अगर वह दोषी पाया गया तो उसे केवल जेल जाना पड़ेगा।

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