बढ़ती आलोचना को देखते हुए ब्रिटिश सरकार ने और जांच किट का वादा किया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 01, 2020

लंदन।  ब्रिटेन ने बुधवार को कहा कि जल्द ही वह रोजाना कोरोना वायरस से संक्रमित 25,000 संदिग्धों की जांच शुरू करेगा। सरकार ने यह कदम अन्य देशों के मुकाबले कम लोगों की जांच को लेकर हो रही आलोचना के बीच उठाया है। आवास मंत्री रॉबर्ट जेनरिक ने देश में कोरोना वायरस के संक्रमण से करीब 1,800 लोगों की मौत का आंकड़ा आने के बाद स्काई टीवी को बताया कि मध्य अप्रैल तक 25,000 लोगों की रोजाना जांच करने का लक्ष्य है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस से मरने वालों में 13 साल का एक किशोर भी शामिल है जो देश में संक्रमण से मरने वालों में सबसे कम उम्र का है। जेनरिक ने कहा, ‘‘ हमारा मानना है कि जल्द ही हम अपनी मौजूदा क्षमता को बढ़ा पाएंगे। मैं कह सकता हूं कि 12,750 से 15,000 तक और इसके बाद मध्य अप्रैल तक रोजाना जांच करने की क्षमता 25,000 होने की उम्मीद है। ’

उल्लेखनीय है कि संक्रमितों का इलाज कर रहे चिकित्सा पेशेवरों और यहां तक की आम लोगों की जांच की कम संख्या को लेकर सरकार की आलोचना बढ़ती जा रही थी। अमूमन कंजर्वेटिव पार्टी के प्रति वफादार रहने वाली मीडिया ने भी जांच की सीमित संख्या के बारे में लिखा। उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन में अबतक एक लाख 43 हजार लोगों की जांच की गई है जबकि जर्मनी रोजाना 70,000 लोगों की जांच कर रहा है। 30 मार्च तक जर्मनी में 455 लोगों की मौत हुई है। वहीं ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक सहित 25,150 लोग संक्रमित हुए हैं। जेरिक ने दावा किया कि ब्रिटेन पर्याप्त संख्या में जांच को बढ़ाना चाहता है लेकिन वैश्विक महामारी की वजह से किट की कमी है।

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एक अन्य वरिष्ठ मंत्री माइकल गोवे ने जांच की सीमित संख्या के लिए जांच किट में इस्तेमाल होने वाले रसायन की कमी को जिम्मेदार ठहराया है जबकि ब्रिटेन के रासायन उद्योग ने उनके दावे का खंडन किया है। ब्रिटिश स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक अबतक देश में 1,789 लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हुई है। हालांकि, इंग्लैंड और वेल्स के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालयों (ओएनएस)द्वारा जारी आंकड़ों से संकेत मिलता है कि वास्तविक मौतें घोषित संख्या से 24 प्रतिशत तक अधिक है। सरकारी आंकड़ों में उन्हीं को शामिल किया गया है जिन्हें अस्पताल ले जाया गया और कोरोना वायरस संक्रमण की जांच की गई जबकि ओएनएस के आंकड़ों में समुदाय स्तर पर उन मौतों को भी शामिल किया गया है जिनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने का संदेह है। जेनरिक ने कहा कि देश को और बुरी खबरों के लिए तैयार रहना चाहिए।

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