क्या बच्चों का दिमाग कमजोर कर रहा है AI? जानिए किस देश ने एआई पर लगाया बैन, भारत के लिए बड़ा सबक

By दिव्यांशी भदौरिया | Jun 23, 2026

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने से कई काम बेहद आसान हो चुके है। आज के समय एआई के जरिए कई कार्य किए जा रहे हैं। पढ़ाई से लेकर हर समस्या का हल लोग एआई से पूछ रहे हैं।  बच्चों की पढ़ाई, स्कूल, कॉलेज और ऑफिस में एआई को यूज हो रहा है। अब ये सवाल उठता है कि क्या AI बच्चों की पढ़ाई को आसान बना रहा है या उनकी सीखने की क्षमता को कमजोर कर रहा है। दुनियाभर में इस बहस पर चर्चा हो रही है, लेकिन इस बीच नॉर्वे ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने शिक्षा और तकनीक की दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। इस देश ने पहली बार स्कूलों में छोटे बच्चों के लिए जनरेटिव AI टूल्स के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया है।

गौरतलब है कि यह फैलसा तब आया जब दुनिया के कई देश बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर सख्त रुख अपना रहे हैं। बता दें कि, इससे पहले इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगा रहे हैं या कड़े नियम लागू कर रहे हैं।

आखिर AI पर बैन लगाने की जरूरत क्यों पड़ी?

 - नॉर्वे सरकार का मानना है कि बच्चों की बुनियादी लर्निंग की क्षमता को बचाना बेहद जरुरी है। सरकार इस बात से इनकार नहीं करती कि कुछ खास मामलों में एआई पढ़ाई में मददगार साबित हो सकता है, लेकिन शुरुआती कक्षाओं में बच्चों को इसके बिना ही पढ़ना, लिखना और गणित के सवाल हल करना सीखना चाहिए।

 - कई रिसर्च में पता चला है कि यदि बच्चे स्कूल में एआई का आंख बंद करके इस्तेमाल करेंगे, तो वे सीखने के महत्वपूर्ण चरणों में अलग हो जाएंगे। इसके साथ ही छोटे बच्चों में इतनी समझ या आलोचनात्मक सोच विकसित नहीं होती कि वे इन एडवांस टूल्स का जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं।

बड़े बच्चों के लिए लागू हो सकती हैं ये शर्तें

-नॉर्व सरकार का यह नियम सिर्फ 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सख्त है, हालांकि यह नहीं बड़े छात्रों को पूरी छूट दी जाएगी। 13 साल से अधिक उम्र के बच्चे एआई टूल्स का इस्तेमाल कर पाएंगे, लेकिन उनके प्रयोग पर स्कूल प्रशासन की कड़ी निगाह रहने वाली है। इसके अलावा, शिक्षकों को भी एआई के सही और संतुलित इस्तेमाल को लेकर स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी जिससे वे बच्चों को सही मार्गदर्शन करा पाएंगे।

-पहले से भी नॉर्वे के स्कूलों में मोबाइल फोन ले जाना पाबंदी लगी हुई है। इसके बाद एआई पर भी बैन लग चुका है। वहां की सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया  को भी पूरी तरह बंद करने की योजना बना रही है।

कनाडा भी ऐसा एक्शन ले सकता है

अब खबर आ रहे है कि नॉर्व की तर्ज पर अन्य देश भी कड़े एक्शन ले सकते हैं। कनाडा भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया और एआई चैटबॉट्स पर कड़ा प्रतिबंध लगा सकता है। इसको लेकर कनाडा की सरकार जल्द ही कानून लेकर आ सकती है। 

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