By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 22, 2026
केपीएमजी इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) येजदी नागपोरवाला ने मंगलवार को वैश्विक स्तर की कुछ बड़ी कृत्रिम मेधा (एआई) कंपनियों के मूल्यांकन मॉडल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत भले ही शुरुआती दौर में एआई की दौड़ में बढ़त बनाने से चूक गया हो, लेकिन देश के पास इस अंतर को पाटने और आगे निकलने का पूरा मौका है।
नागपोरवाला ने वैश्विक स्तर पर कुछ बड़ी एआई कंपनियों को दिए जा रहे ऊंचे मूल्यांकन पर भी संदेह जताया और कहा कि इस तरह का मूल्यांकन स्थायी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, यदि आप इनमें से कुछ बड़ी कंपनियों के राजस्व और मूल्यांकन मॉडल को देखें, तो उन राजस्व मॉडलों के आधार पर इस मूल्यांकन को किसी भी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता।
मेरे पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि जब उनका राजस्व ही 50 अरब डॉलर से कम है, तो उनका मूल्यांकन एक हजार अरब डॉलर या उससे अधिक कैसे हो सकता है। यह पूछने पर कि क्या भारत एआई की दौड़ में पिछड़ गया है, नागपोरवाला ने कहा, कुछ मायनों में हां, और कुछ मायनों में नहीं। उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास इस अंतर को पाटने और आगे निकलने का एक अच्छा अवसर है।