By अनन्या मिश्रा | Nov 07, 2026
हर साल 07 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इस खास दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों को कैंसर के प्रति जागरुक करने के साथ कैंसर से पीड़ित मरीजों का हौसला बढ़ाना है। हर साल कैंसर से देश में लाखों लोगों की मौत होती है। वहीं साल 2021 में करीब 1 करोड़ लोगों की कैंसर की वजह से मौत हुई थी। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साल 2050 तक वैश्विक कैंसर की दर 75% तक बढ़ने की उम्मीद जताई है।
यही कारण है कि राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के मौके पर भारत में कैंसर की रोकथाम, शुरूआती पहचान और उपचार के बारे में लोगों को जागरुक करना है। तो आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम आदि के बारे में...
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भारत को पोलियो मुक्त बनाने वाले डॉ हर्षवर्धन द्वारा सबसे पहले 07 नवंबर 2014 को राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस मनाया गया था। देश में बढ़ते कैंसर के मामलों को देखते हुए उन्होंने कैंसर के प्रति लोगों को जागरुक करने का फैसला किया।
राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस मनाए जाने के पीछे का उद्देश्य कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक करना है। साथ ही लोगों को समय पर इस रोग की जांच कराने के लिए प्रेरित करना और कैंसर से बचाव के उपायों के बारे में लोगों को जागरुक करना है।
हर साल राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस के मौके पर एक खास थीम रखी जाती है। इस बार राष्ट्री कैंसर जागरूकता दिवस की थीम 'Hope, love and Strenght: our weapons against cancer' रखी गई है।