गंभीर संकट का संकेत है ग्लोबल वार्मिंग

By डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा | Jun 02, 2025

जलवायु परिवर्तन या यों कहे कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते मानव अस्तित्व पर आ रहे संकट की गंभीरता को इसी से समझा जा सकता है कि 2 जून को समूचे विश्व में ग्लोबल हीट एक्शन डे मनाया जाने लगा है। ग्लोबल वार्मिंग के दुष्परिणाम तेजी से हमारे सामने आने लगे हैं। लाख प्रयासों, शिखर सम्मेलनों और संकल्पों के बावजूद पृथ्वी पर तापमान की बढ़ती दर को रोकने में हम पूरी तरह से विफल रहे हैं। 1850 से अब तक के रेकार्ड के अनुसार विश्व में अब तक का सबसे गर्म साल 2024 रहा है। वर्कले अर्थ द्वारा जारी रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि होती है कि सर्वाधिक गर्म साल 2024 रहा है। मजे की बात यह है कि यह सब तो तब है जब ग्लोबल वार्मिंग को लेकर वैश्विक सम्मेलन लगातार आयोजित हो रहे है और पृथ्वी के बढते तापमान को डेढ़ डिग्री तक सीमित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग का सीधा सीधा अर्थ धरती के तापमान में बढ़ोतरी होना है। इस साल 2025 के ग्लोबल हीट डे की थीम रिकागनाइजिंग एण्ड रेस्पोडिंग टू हीट स्ट्रोक रखा गया है। दुनिया के देष 2050 तक ग्लोबल वार्मिंग दर को 50 प्रतिशत कम तक लाना है। 

इसे भी पढ़ें: अंधड़, बारिश और चेतावनी: बदलता मौसम, बिगड़ता संतुलन

मौसम विज्ञानियों ने पहले ही चेता दिया था कि औद्योगिक क्रान्ति और उसके चलते हमारी जीवन शैली में बदलाव से ग्लोबल वार्मिंग के हालात बनते जा रहे हैं। ग्लोबल वार्मिंग का सबसे प्रमुख कारण जीवाश्म ईंधन का अत्यधिक उपयोग रहा है। कोयला, तेल, गैस आदि जीवाश्म ईंधन के उपयोग से अंतरिक्ष की परत प्रभावित हुई है और उसके चलते तापमान में बढ़ोतरी के हालात बनते जा रहे हैं। हमें भूलना नहीं चाहिए कि जीवाश्म ईंधन के साथ ही कुछ अन्य कारण भी है जिनके चलते तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। अत्यधिक शहरी करण और लोहे सीमेंट के उपयोग के कारण गगनचुंबी इमारतों से कंक्रिट के जंगल का विस्तार, आबादी का अत्यधिक दबाव होने केे कारण प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक व बेरहमी से दोहन, सुविधा के लिए नित नए इलेक्ट्रोनिक उत्पादों का अत्यधिक उपयोग, पंखें या कूलर के स्थान पर एयर कण्डीशनरों का उपयोग, रसोई में फ्रीज व अन्य उत्पादों का उपयोग और इसी तरह के अन्य वस्तुओं के उपयोग के चलते तापमान में बढ़ोतरी का कारण बनता जा रहा है। मजे की बात यह है कि आज जिसे बेहतर व उपयोगी बताया जा रहा है कुछ समय बाद ही उसे हानिकारक बताने में भी नहीं हिचका जा रहा। आज जापान आदि देशों में माइक्रोवेव ओवन या आरओ आदि के उपयोग को हानिकारक बताया जाने लगा है। पहले प्लास्टिक को बढ़ावा दिया गया और अब उसके दुष्परिणाम सामने हैं। इसी तरह से जीवाश्म ईंधन के विकल्प के रुप में ईवी वाहनों के प्रोत्साहन के साथ ही दबे स्वर में यह रिपोर्ट आने लगी है कि ईवी का भी असर तापमान बढ़ोतरी पर पड़ेगा। हालात यहां तक होने लगे हैं कि हीट स्ट्रोक के कारण लोगों की ही नहीं जानवरों की भी जान जाने लगी है। 

ग्लोबल हीट एक्शन डे के आयोजन के पीछे लोगों को हालात की गंभीरता से सजग करना और अत्यधिक हीटवेव से बचने के लिए सतर्क और सजग करना है। तापमान की बढ़ोतरी का इसी से अंदाज लगाया जा सकता है कि स्थानीय निकायों द्वारा तापमान अधिक होने पर आमनागरिकों को राहत देने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव करवाया जाने लगा है तो जयपुर सहित कई शहरों में सिग्नल वाले रास्तों पर गर्मी से राहत के लिए हरा पर्दा टांगा जाने लगा है। हीट एक्शन डे के माध्यम से लोगों को सजग करना, हीटवेव से बचने व सुरक्षा के उपायों खासतौर से भूखे पेट नहीं रहना, पानी व तरल पदार्थ का अधिक सेवन के साथ ही छाया में रहने और ढीले कपड़े पहने के साथ ही शरीर को ढक के रखना आदि के प्रति अवेयर करना है। आज लोगों में पशुपक्षियों के प्रति भी संवेदनशीलता बढी है और गर्मी के चलते दाना-पानी की व्यवस्थाएं एक अभियान के रुप में की जाने लगी है। खैर यह तो व्यक्तिगत प्रयासों की बात हुई पर तापमान के चलते जंगलों मेें दावानल, समुद्र किनारें के शहरों के लिए खतरा व एक ही बरसात में बाढ़ जैसे हालात होना, आंधी तूफान के कारण जन-धन हानि और अन्य समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे में अभी भी समय है कि हम सजग हो जाएं और प्रकृति से खिलवाड़ कर प्रकृति को विकृति बनाने के स्थान पर प्रकृति को विकास का वाहक बनाने में उपयोग करें तो यह अधिक सकारात्मक होगा। इसके लिए बीट द हीट के हैसटेैग से संदेश देने का आह्वान भी लगातार किया जा रहा है। एक बात साफ हो जानी चाहिए कि अब सोचने का समय नहीं बल्कि ग्लोबल वार्मिंग को सीमित करने का समय आ गया है और इसके लिए समग्र व ठोस प्रयास करने होंगे। 

- डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा

प्रमुख खबरें

World Cup में Eloy Room का अविश्वसनीय Record, 15 Saves कर Ecuador को बराबरी पर रोका.

Womens Hockey: Team India का Nations Cup पर कब्जा, New Zealand को हराकर Pro League में की एंट्री

Captain Harmanpreet Kaur का World Record, 200 T20I मैच खेलने वाली दुनिया की पहली क्रिकेटर बनीं

जापान की फुटबॉल में नई सोच का उदय, ‘ईगोइस्ट’ स्ट्राइकर तैयार करने की मुहिम से बदल रही टीम की पहचान