By अनन्या मिश्रा | Feb 12, 2025
हिंदू धर्म में महाकुंभ मेला एक खास जगह रखता है। यही वजह है कि यहां पर स्नान करने के लिए अब तक करोड़ों लोग जा चुके हैं। आस्था, भक्ति और परंपरा के इस संगम में बच्चों से लेकर बुजुर्ग और युवा तक हर कोई जा रहा है। इस मेले की परंपरा हजारों सालों से चली आ रही है। महाकुंभ मेला हर 12 साल में एक बार आयोजित किया जाता है। इस बार साल 2025 में यह मौका आया है। इस महाकुंभ का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।
अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद पार्क
संगम स्नान के बाद अगर आप अपने परिवार और बच्चों के साथ सुकून के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो आप अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद पार्क में आ सकते हैं। यह पार्क हरा-भरा है और भीड़भाड़ से दूर ले जाता है। बच्चों को भी यहां आकर अच्छा लगेगा और आपको भी बच्चों पर नजर रखने की जरूरत नहीं होगी। यह एक बेहद खूबसूरत जगह है। जहां पर आप खुद को प्रकृति के करीब महसूस करेंगे। यहां पर एंट्री टिकट 5 रुपए है और पार्क में रहने की कोई टाइम लिमिट नहीं है। साथ ही आपको यहां पर पानी और वॉशरूम आदि की सुविधा भी मिल जाएगी।
खुसरो बाग, प्रयागराज
इसके अलावा आप बच्चों के साथ खुसरो बाद भी जा सकते हैं। यह प्रयागराज का एक विशाल ऐतिहासिक बाग है और इस पुराने स्मारक का अच्छे तरीके से रखरखाव किया गया है। इसलिए आपको यहां विजिट करके अच्छा लगेगा। हालांकि यह जगह थोड़ा भीड़भाड़ वाली हो सकती है। यहां जाने के लिए आपको रेलवे स्टेशन के पास वाले गेट से एंट्री लेनी होगी। इससे आपको रेलवे स्टेशन आने में परेशानी नहीं होगी। दरअसल, महाकुंभ तक पहुंचने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। इसलिए आपको प्रयागराज आने में मुश्किल नहीं होगी। वहीं अगर आप अपने वाहन से आ रहे हैं, तो अपनी गाड़ी सही स्थान पर पार्क करें। क्योंकि अगर आप गेट के किनारे या फिर रोड पर कहीं गाड़ी पार्क करते हैं, तो आपकी गाड़ी तो उठा लिया जाएगा।
मां ललिता देवी मंदिर
अगर आप श्रीमां ललिता देवी मंदिर जाने का प्लान बना रहे हैं। तो आपको 12 बजे से पहले या फिर शाम को 04:30 बजे के बाद मंदिर जाएं। क्योंकि इसके बीच मंदिर बंद रहता है। यह स्थान बेहद स्वच्छ और शांतिपूर्ण है। यहां पर मंत्र की ध्वनि और हवन की खुशबू आपको सुकून का एहसास करवाएगी। यह एक शक्तिपीठ मंदिर है, जोकि मीरापुर प्रयागराज में स्थित है।