By Neha Mehta | Feb 05, 2026
अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) ने H-2B वीज़ा को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। मौजूदा सीमा के अलावा 64,000 अतिरिक्त वीज़ा जोड़े गए हैं। यह फैसला उन विदेशी कामगारों के लिए बेहद अहम है जो अमेरिका में काम करने का सपना देख रहे हैं—खासकर भारतीय नागरिकों के लिए, जो हॉस्पिटैलिटी, कंस्ट्रक्शन और लैंडस्केपिंग जैसे सेक्टर्स में मौसमी या अस्थायी नौकरियों की तलाश में रहते हैं।
H-2B वीज़ा प्रोग्राम के तहत अमेरिकी नियोक्ता अस्थायी और गैर-कृषि कार्यों के लिए विदेशी श्रमिकों को बुला सकते हैं। वीज़ा कोटे में यह बढ़ोतरी दरअसल अमेरिका की उस व्यापक इमिग्रेशन नीति का हिस्सा है, जिसका मकसद प्रमुख उद्योगों में श्रम की कमी को पूरा करना है। इस श्रेणी में लंबे समय से काम के अवसर तलाश रहे भारतीय कामगारों के लिए यह खबर खासतौर पर राहत भरी है।
कई भारतीयों के लिए H-2B वीज़ा सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय अनुभव और नई स्किल्स हासिल करने का जरिया भी है। कोटे के बढ़ने का मतलब है कि अब ज़्यादा लोग आवेदन कर सकेंगे, जिससे बेहतर रोजगार के मौके मिल सकते हैं और भारत में उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मज़बूत हो सकती है।
यह बदलाव इस बात का भी संकेत है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में प्रवासी कामगारों के योगदान को अब और गंभीरता से पहचाना जा रहा है। पीक सीज़न में अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ को संभालने के लिए एक विविध और कुशल वर्कफोर्स की ज़रूरत को सरकार ने खुले तौर पर स्वीकार किया है।
हालांकि, इच्छुक उम्मीदवारों के लिए ज़रूरी है कि वे आवेदन प्रक्रिया और पात्रता से जुड़ी जानकारी पर लगातार नज़र रखें। USCIS समय-समय पर आवेदन की तारीखों और प्रक्रिया से जुड़े अपडेट जारी करेगा। कुल मिलाकर, H-2B वीज़ा कोटे का यह विस्तार अमेरिकी इमिग्रेशन नीति में एक सकारात्मक कदम है—जो अमेरिका में काम करने का सपना देख रहे कई भारतीयों के लिए नई उम्मीद और नए अवसर लेकर आया है।