Gorakhpur में ठेकेदार की हत्या, 10 लोग हिरासत में, वकीलों का प्रदर्शन

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 10, 2026

गोरखपुर, नौ अगस्त उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बिजली विभाग के एक ठेकेदार की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस को संदेह है कि यह वारदात करीब एक साल पहले हुई हत्या का बदला लेने के लिए की गई है।

ग्रामीण उन्हें ऑटो-रिक्शा से अस्पताल ले जाने का प्रयास कर रहे थे, तभी राहुल ने अपने भाई रोहित के साथ रास्ते में वाहन को रोक लिया। पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद दोनों आरोपियों ने कथित रूप से त्रिपाठी को वाहन से बाहर निकाला और करीब 200 मीटर दूर तक घसीटकर ले गए। इसके बाद उन पर तलवार से कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हत्या करीब एक साल पहले आरोपी के चचेरे भाई की हत्या का बदला लेने के लिए की गई हो सकती है। ग्रामीणों के अनुसार, राहुल चौधरी के चचेरे भाई आदेश चौधरी की वर्ष 2024 में हत्या हुई थी और इस मामले में त्रिपाठी के परिवार के कुछ सदस्यों को आरोपी बनाया गया था। जांच अधिकारी इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि शनिवार की हत्या बदले की कार्रवाई थी या नहीं।

पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) दिनेश कुमार पुरी ने रविवार को बताया कि हत्या के संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीन नामजद आरोपियों और सात अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस हत्या के वास्तविक कारणों का पता लगा रही है और हमले में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। त्रिपाठी बिजली विभाग में ठेकेदार के रूप में काम करते थे। उनके बेटे आदित्य त्रिपाठी गोरखपुर सिविल अदालत में वकालत करते हैं।

इस बीच, हत्या के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर वकीलों ने रविवार को प्रदर्शन किया और पोस्टमार्टम हाउस के बाहर गोरखपुर-महराजगंज मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शन पूर्वाह्न करीब 11 बजकर 15 मिनट पर शुरू हुआ। वकील सड़क पर बैठ गए और आरोपियों को फांसी की सजा देने तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग को लेकर नारेबाजी की।

पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद वकील कुछ समय के लिए सड़क से हट गए, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर धरने पर बैठ गए और जाम जारी रखा। बाद में गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉक्टर कौस्तुभ मौके पर पहुंचे और उन्‍होंने अधिवक्ताओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

यह जाम अपराह्न करीब तीन बजे तक रहा और इसके बाद आवागमन जारी हुआ। परिवार के सदस्यों के अनुसार, त्रिपाठी शनिवार शाम छेदी चौधरी के घर आयोजित ब्रह्म भोज में शामिल होने गए थे, जहां उन पर हमला किया गया। परिवार का आरोप है कि घायल होने के बाद उन्हें इलाज के लिए ऑटोरिक्शा से ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन हमलावरों ने वाहन को रोक लिया और त्रिपाठी को बाहर खींच लिया।

उन्होंने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर तलवार से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

प्रमुख खबरें

Ethanol विवाद के बीच Bihar पहुँचे Nitin Gadkari, E-20 ईंधन से वाहनों को नुकसान के दावे करने वालों की कर दी खिँचाई

Captain Smit Machhar ने रोका 9/11 जैसा हमला, PM Narendra Modi ने की बहादुरी की तारीफ

Gandhi Jayanti 2026: बच्चों की परवरिश में काम आएंगी महात्मा गांधी की ये 4 सीख, आज ही बताएं

Pancard Clubs Scam: ED ने ज़ब्त कीं 646.58 करोड़ की प्रॉपर्टी, कुल जब्ती ₹700 करोड़ पार