सरकार ने प्राकृतिक गैस का दाम बढ़ाकर दोगुना से अधिक किया, बढ़ सकती हैं सीएनजी, पीएनजी की कीमतें

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 31, 2022

नयी दिल्ली। सरकार ने वैश्विक स्तर पर ईंधन के दाम में आई तेजी के बीच प्राकृतिक गैस का दाम एक अप्रैल से बढ़ाकर दोगुना से अधिक कर दिया है। इस गैस का उपयोग उर्वरक संयंत्रों, सीएनजी और पाइप के जरिये घरों में पहुंचने वाली रसोई गैस (पीएनजी) बनाने में किया जाता है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) की बृहस्पतिवार को जारी अधिसूचना के अनुसार नियमित फील्डों से उत्पादित गैस की कीमत रिकॉर्ड 6.10 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (यूनिट) की गयी है। जबकि अभी यह दर 2.90 डॉलर प्रति यूनिट है। इन क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी (ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) का बसईं फील्ड शामिल है जो देश के सबसे बड़ा गैस क्षेत्र है। नई कीमत एक अप्रैल से छह महीने की अवधि के लिये है। इस वृद्धि से सीएनजी और पीएनजी के दाम बढ़ सकते हैं। पिछले 10 दिन में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में नौ बार वृद्धि की गयी है। वहीं एलपीजी की दरें भी 50 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ायी गयी हैं। गैस के दाम में ताजा वृद्धि से ईंधन की महंगाई दर बढ़ेगी। अधिसूचना के अनुसार, नये और कठिन क्षेत्रों में स्थित फील्डों से उत्पादित गैस के दाम अप्रैल-सितंबर अवधि के लिये 9.92 डॉलर प्रति यूनिट होगा। जबकि अभी यह 6.13 डॉलर प्रति यूनिट है। ऐसे फील्ड में रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. का गहरे जल क्षेत्र में स्थित केजी-डी6 ब्लॉक शामिल है। 

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भारतीय गैस उत्पादकों को मिलने वाली यह कीमत अबतक की सबसे अधिक है। सरकार हर छह महीने पर...एक अप्रैल और एक अक्टूबर...को दरें निर्धारित करती है। यह निर्धारण अमेरिका, कनाडा और रूस जैसे अधिशेष गैस वाले देशों में जारी सालाना औसत कीमतों के आधार पर होता है। उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार गैस के दाम में वृद्धि से दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में सीएनजी और पीएनजी की दरें 10 से 15 प्रतिशत बढ़ सकती हैं। इक्रा लि. के उपाध्यक्ष और सह-प्रमुख (कॉरपोरेट रेटिंग) प्रशांत वशिष्ठ ने कहा, ‘‘वैश्विक गैस केंद्रों पर दाम में तेजी के कारण घरेलू गैस की कीमतें बढ़ी हैं। गैस के दाम में वृद्धि से भारतीय गैस उत्पादक कंपनियों को राहत मिलेगी क्योंकि पहले की कीमत पर ज्यादातर फील्डों से गैस उत्पादन घाटे का सौदा था।’’ शहरों में सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति ओएनजीसी द्वारा उत्पादित गैस से होती है। कीमत वृद्धि से बिजली उत्पादन की लागत भी बढ़ेगी। लेकिन गैस से बिजली उत्पादन की मात्रा बहुत अधिक नहीं होने से उपभोक्ताओं पर इसका असर नहीं होगा। इसके अलावा, उर्वरक उत्पादन की लागत भी बढ़ेगी। लेकिन सरकार उर्वरकों के लिये सब्सिडी देती है, ऐसे में दाम बढ़ने की संभावना नहीं है। 

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