By अभिनय आकाश | Jul 18, 2023
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर मजबूत और अधिक टिकाऊ सड़कें बनाने के लिए इस्पात उत्पादन के दौरान उत्पन्न अपशिष्ट स्टील स्लैग का उपयोग कर रहा है। सड़क निर्माण के लिए स्टील स्लैग का उपयोग करने की तकनीक सीएसआईआर-सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) द्वारा विकसित की गई थी, जो स्टील संयंत्रों द्वारा उत्पन्न स्लैग की समस्या का समाधान करने के लिए तैयार है। सीएसआईआर-सीआरआरआई का दौरा करते हुए सिंह ने कहा कि स्टील स्लैग सड़कें न केवल पारंपरिक पक्की सड़क की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत सस्ती हैं, बल्कि अधिक टिकाऊ और मौसम की अनिश्चितताओं के प्रति प्रतिरोधी भी हैं।
सिंह ने कहा कि स्टील स्लैग की आपूर्ति टाटा स्टील द्वारा नि:शुल्क की गई और भारतीय रेलवे द्वारा इसे जमशेदपुर से अरुणाचल प्रदेश तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्टील स्लैग रोड तकनीक का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।