By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 03, 2022
नयी दिल्ली। सरकार हिंदुओं के बीच पवित्र मानी जाने वाली गंगा नदी के किनारे न केवल ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व के स्थलों को बढ़ावा देने बल्कि इसके आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था के विकास के लिए एक पर्यटन नेटवर्क तैयार करने की योजना बना रही है। इस परियोजना पर काम कर रहे मंत्रालयों के अधिकारियों ने पीटीआई- को इसकी जानकारी दी। गौरतलब है कि 2,520 किलोमीटर लंबी गंगा वाराणसी, हरिद्वार, प्रयागराज, कोलकाता, पटना, कानपुर और गाजीपुर जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरती है। सरकार ने 2014 से अपने नमामि गंगे कार्यक्रम के माध्यम से नदी को साफ करने के लिए काफी धन खर्च किया है।
हम ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए, हम इस बारे में सारी जानकारी प्रदान करेंगे, और पर्यटन विभाग इसपर काम कर रहा है। एनएमसीजी ने इस तरह के उत्सव का प्रस्ताव रखा है। सूत्रों ने संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में गंगा के किनारे स्थलों को विकसित करने और बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय के प्रस्तावित गंगा सर्किट कार्यक्रम पर अभी विचार किया जा रहा है और अभी इसे मंजूरी नहीं दी गई। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि एनएमसीजी के साथ बैठक हो चुकी है और जल्द ही इसका खाका तैयार कर लिया जाएगा।