By अभिनय आकाश | Jul 22, 2026
आज संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा दिन है। उम्मीद है कि दोनों सदनों में विपक्ष फिर से विरोध-प्रदर्शन करेगा, क्योंकि वे NEET परीक्षा विवाद, दिल्ली में CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, राम मंदिर दान के पैसे की चोरी और दूसरे मुद्दों पर तुरंत चर्चा की मांग कर रहे हैं। यह सत्र प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए अभूतपूर्व विरोध-प्रदर्शन के एक दिन बाद हो रहा है, जिससे संसद में एक और हंगामेदार दिन की संभावना बन गई है। सरकार ने कहा है कि वह NEET विवाद पर चर्चा के लिए तैयार है और वंदे मातरम बिल समेत कई अहम बिल भी पेश कर सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होने से पहले NCP (SP) प्रमुख शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले से मुलाकात की। यह मुलाकात विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के कई अन्य नेताओं को एक दिन पहले हिरासत में लिए जाने के विरोध में विपक्षी दलों के प्रदर्शनों के बीच हुई।
संसद में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध जारी रहने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष नियम 193 के तहत चर्चा के लिए सहमत नहीं है, जिसके तहत मतदान के बिना अल्पकालिक चर्चा का प्रावधान है। इसके बजाय, विपक्षी दल इस बात पर जोर दे रहे हैं कि NEET विवाद और विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से उठाया जाए, जिसके तहत सदन की अन्य सभी कार्यवाही को स्थगित करके इस मामले पर चर्चा की जाए। विपक्ष ने अपना रुख लोकसभा अध्यक्ष को बता दिया है।
विपक्षी दलों ने संसद में मिलकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की।