By दिनेश शुक्ल | May 18, 2021
भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने अपने एक जारी बयान में कहा है कि मार्च-2020 से देश में कोरोना का भीषण प्रकोप चल रहा है। पहली लहर और अब दूसरी लहर की भयावहता ने कई परिवारों को बर्बाद कर दिया है, तबाह कर दिया है, लाखों लोग इसकी चपेट में आकर संक्रमित हो चुके हैं और हजारों लोग अभी तक अपनी जान गवा चुके हैं। लॉकडाउन व जनता कर्फ्यू ने व्यापार-व्यवसाय को पूरी तरह से चौपट कर दिया है, लोग कर्ज के दलदल में निरंतर धंसते जा रहे हैं और आत्महत्या को मजबूर हो चले है। पूर्व से ही अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी, महंगाई की मार से जनता पीड़ित थी और कोरोना की दूसरी लहर के जनता कर्फ्यू ने उसे और तबाह कर दिया है। आज लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है।
ऐसे में केंद्र की मोदी सरकार को देशभर में लोगों के मकान-दुकान-वाहन-व्यवसाय-शिक्षा आदि ऋण की अदायगी को 6 माह के लिए स्थगित करने का निर्णय तत्काल लेना चाहिए और साथ ही इस अवधि के दौरान लगने वाली ब्याज की पूर्ण माफी का भी निर्णय लेना चाहिए। यह जनता के लिए एक बड़ा राहतकारी कदम होगा क्योंकि आज के समय में लोगों के पास जीवन गुजर-बसर के लिये ही पैसे नहीं बचे है और ऐसे में वह अपने चल रहे ऋण की अदायगी कैसे कर पाएंगे ? विश्व के कई देशों ने अपने नागरिकों को संकट के इस दौर में इस प्रकार की राहते प्रदान की है, देश में भी मोदी सरकार को जनहित में यह फैसला तुरंत लेना चाहिए।
वर्मा ने कहा कि साथ ही मध्य प्रदेश में कई परिवारों ने इस कोरोना संक्रमण में अपनों को खोया है, कई परिवारों के मुखिया चले गए हैं, घर चलाने वाले चले गए हैं। इन परिवारों के सामने आज रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है, जीवन यापन में उन्हें बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उसको देखते हुए शिवराज सरकार को जिन परिवारों ने भी इस संक्रमण में अपने घर के कमाऊ सदस्य को खोया है, उन परिवारों के लिए सस्ती ब्याज दर की एक कर्ज की स्कीम निकालना चाहिए। जिससे वह पीड़ित परिवार सस्ती ब्याज दरों पर कर्ज लेकर अपना छोटा-मोटा व्यापार-व्यवसाय प्रारंभ कर अपना जीवन गुजर बसर कर सके। जिन बच्चों का सहारा छिन गया है, वे अनाथ हो गए हैं, वह इस योजना के अंतर्गत सस्ती ब्याज दरों पर ऋण लेकर अपना छोटा-मोटा काम-धंधा प्रारंभ कर अपना व अपने परिवार का गुजर-बसर कर सके। जिससे वह अपने परिवार का पेट भर सके। उक्त दोनों निर्णय आज के इस संकट के दौर की महती आवश्यकता है और जनहित में बेहद आवश्यक है। मोदी सरकार और शिवराज सरकार को जनहित में तत्काल उक्त निर्णय लेकर जनता को राहत प्रदान करना चाहिए।