Airfare Hike पर Supreme Court का सख्त रुख, केंद्र से कहा- 'यह गंभीर मुद्दा है, 4 हफ्ते में फैसला करें'

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 23, 2026

 केंद्र सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय में कहा कि हवाई किरायों और संबद्ध शुल्कों में निजी एयरलाइन कंपनियों के स्तर पर मनमाने ढंग से किए जाने वाले बदलावों पर लगाम लगाने के मुद्दे को लेकर नागर विमानन मंत्रालय सक्रियता से विचार कर रहा है। एक जनहित याचिका में उठाए गए इस मुद्दे को शीर्ष अदालत ने बहुत गंभीर चिंता का विषय बताते हुए केंद्र को निर्णय प्रक्रिया पूरी करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया।

 गंभीर मुद्दा है

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा, “यह अत्यंत गंभीर मुद्दा है। अगर ऐसा नहीं होता तो हम अनुच्छेद 32 के तहत याचिकाएं स्वीकार नहीं करते।” केंद्र की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने कहा कि मंत्रालय को जवाब दाखिल करने के लिए कम-से-कम तीन सप्ताह की जरूरत है, क्योंकि याचिका में उठाए गए पहलुओं पर सक्रिय विचार-विमर्श चल रहा है। पीठ ने यह दर्ज किया कि मंत्रालय ने इस मामले को संज्ञान में लिया है। मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी। इससे पहले 19 जनवरी को शीर्ष अदालत ने त्योहारों और आपात स्थितियों के दौरान हवाई किरायों में बेतहाशा बढ़ोतरी को शोषण करार देते हुए केंद्र और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से जवाब मांगा था।

उच्चतम न्यायालय ने 17 नवंबर को इस मामले में केंद्र, डीजीसीए और भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (एईआरए) को नोटिस जारी किए थे। सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन ने इस याचिका में नागर विमानन क्षेत्र में पारदर्शिता और यात्री संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र एवं सशक्त नियामकीय व्यवस्था बनाने की अपील की है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि निजी एयरलाइंस ने किसी ठोस वजह के बगैर इकॉनमी श्रेणी में प्रति यात्री मुफ्त सामान ले जाने की चेक-इन सीमा को 25 किलोग्राम से घटाकर 15 किलोग्राम कर दिया ताकि अतिरिक्त कमाई की जा सके।

 इसके अलावा याचिका में त्योहारों, मौसम संबंधी व्यवधानों या आपात स्थितियों में अचानक किराया वृद्धि से आर्थिक रूप से कमजोर और अंतिम समय में यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ने वाले बोझ का भी जिक्र किया गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि फिलहाल हवाई किरायों या संबद्ध शुल्कों की सीमा तय करने या उनकी समीक्षा करने की शक्ति किसी प्राधिकरण के पास नहीं होने से एयरलाइन कंपनियां ‘डायनेमिक प्राइसिंग’ के जरिये मनमाने ढंग से किराया बढ़ा देती हैं।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Microsoft का India में Mega Plan, 2 करोड़ लोगों को मिलेगी मुफ़्त AI Training

Abhishek Sharma फ्लॉप, टॉप ऑर्डर फेल! T20 World Cup में South Africa से हार के बाद बढ़ी Team India की मुश्किलें

Super 8 में Team India की हार पर मंथन, खराब Strategy से लेकर Playing XI पर उठे गंभीर सवाल

David Miller के तूफान में उड़ी Team India, South Africa से हार के बाद Semifinal की राह बेहद मुश्किल