केंद्र सरकार ने व्यापारियों के लिए 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट तय किया है। आम उपभोक्ताओं के बीच होने वाले व्यक्तिगत लेनदेन और 2,000 रुपये तक के भुगतानों पर यह शुल्क पूरी तरह शून्य रहेगा। इसके अलावा उच्च मूल्य वाले बड़े लेनदेन के लिए अधिकतम शुल्क सीमा 300 रुपये निर्धारित की गई है।