Ravana Temple: भारत के कई हिस्सों में बने हैं रावण के भव्य मंदिर, भगवान की तरह की जाती है पूजा

By अनन्या मिश्रा | Jun 05, 2024

हिंदू धर्म के सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण महाकाव्यों में रामायण शामिल है। इसके सभी पात्र विशेष महत्व रखते हैं और व्यक्ति को कुछ न कुछ संदेश देते हैं। भले ही रावण दुराचारी था, लेकिन दशानन काफी विद्वान और बहु-विधाओं का जानकार था। रामायण में प्रभु श्रीराम के संपूर्ण जीवन का उल्लेख मिलता है। जिस तरह से भगवान राम की पूजा होती है और उनके कई मंदिर बने हैं। उसी रह भारत के कई हिस्सों में रावण को पूजनीय माना जाता है। 

रावण का सबसे फेमस मंदिर

बता दें कि उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के पास स्थित बिसरख गांव को रावण का जन्मस्थान माना जाता है। यहां पर लंकापति रावण का एक भव्य मंदिर बना है। जो रावण के सबसे फेमस मंदिरों में से एक है। मान्यता के मुताबिक ऋषि विश्वास और उनके पुत्र रावण ने इस स्थान पर एक शिवलिंग की पूजा की थी।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब एक सदी पहले इस स्थान की खुदाई में एक शिवलिंग पाया गया था। इस शिवलिंग के बारे में कहा जाता है कि यह वही लिंगम है। जिसकी दशानन रावण और उनके पिता पूजा किया करते थे। यही वजह है कि आज भी इस गांव में दशहरे के मौके पर कभी भी रावण का पुतला नहीं जलाया जाता है।

रावण की पूजा

मध्य प्रदेश में स्थित मंदसौर में दशानन रावण और मंदोदरी का विवाह हुआ था। धार्मिक मान्यता के अनुसार, दशानन रावण की पत्नी मंदोदरी मंदसोर गांव की रहने वाली थी। मंदसौर के दामाद होने के कारण यहां पर भी रावण की पूजा-अर्चना की जाती है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के विदिशा गांव में भी रावण का एक बड़ा और भव्य मंदिर है। विदिशा में रावण को एक देवता के रूप में पूजा जाता है।

काकीनाडा रावण मंदिर

आंध्र प्रदेश में भी दशानन रावण का एक फेमस मंदिर है। इस मंदिर को काकीनाडा रावण मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहां पर रावण की महादेव के प्रति भक्ति को दर्शाया गया है। मान्यता के अनुसार, इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग की स्थापना स्वयं रावण ने की थी।

वहीं यूपी के कानपुर में भी रावण का एक फेमस मंदिर है। इस मंदिर में विजयादशमी के मौके पर पूरे विधि-विधान से रावण की पूजा-अर्चना की जाती है और दूध से स्नान और अभिषेक कराया जाता है। फिर रावण का श्रृंगार किया जाता है। इस मंदिर को सिर्फ साल में एक बार दशहरे के दिन ही खोला जाता है।

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