By रितिका कमठान | Sep 07, 2024
बैंक अब जल्द ही युवाओं को नौकरी पर रखने की तैयारी में है। बैंकों का मुख्य फोकस अब 25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को नौकरी पर रखने का होगा। ये ऐसे युवा होंगे जिन्होंने हाल ही में अपनी ग्रैजुएशन की डिग्री को पूरा किया है। इन ट्रेनी युवाओं को मासिक स्टाइपंड (वजीफा) भी दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण से इन युवाओं को कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी, जिससे वे स्वयं रोजगार के अवसर सृजित कर सकेंगे। इन अप्रेंटिसशिप में रुचि रखने वाले उम्मीदवारों की उम्र 21 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वे करदाता नहीं होने चाहिए। इसके अलावा, उनके पास IIT या IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से डिग्री नहीं होनी चाहिए। मेहता ने यह भी बताया कि प्रशिक्षुओं को बैंकिंग सेवाओं को वंचित क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट सहित विभिन्न पदों पर नियुक्त किया जा सकता है।
मेहता ने आश्वासन दिया कि प्रशिक्षु अपने कार्यकाल के बाद गायब नहीं होंगे, तथा उन्होंने सुझाव दिया कि कुछ को स्थायी कर्मचारी के रूप में बनाये रखने की संभावना है। आईबीए ने योजना के कार्यान्वयन पर चर्चा करने के लिए गुरुवार को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के सचिव के साथ बैठक की और मेहता ने संकेत दिया कि कार्यक्रम एक महीने के भीतर शुरू किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि बैंक कितने प्रशिक्षुओं को नियुक्त करेंगे, लेकिन उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि सभी बैंक इस पहल में भाग लेंगे तथा इसके क्रियान्वयन में सरकार का सहयोग भी अपेक्षित है।