किडनी ट्रांसप्लांट : ग्रीन कॉरिडोर बना मेरठ से 102 मिनट में एंबुलेंस से गुरुग्राम पहुंचाए ब्लड सैंपल

By राजीव शर्मा | Sep 27, 2021

मेरठ, किडनी प्रत्यारोपण करने से पहले मरीज के शरीर में ग्रुप-बी के खिलाफ बनी एंटीबाडी का स्तर जांचने के लिए सोमवार तड़के पांच बजे ब्लड सैंपल गुरुग्राम के लिए भेजा गया। यदि यह सैंपल मेरठ अस्पताल से गुरुग्राम लैब तक 2 घंटे में नहीं पहुंचते तो ब्लड सैंपल खराब हो जाते। न्यूटिमा अस्पताल से ग्रीन कोरीडोर बनाकर एंबुलेंस सुबह गुरुग्राम के लिए रवाना की गई। मेरठ से लेकर गाजियाबाद, दिल्ली और गुरुग्राम तक 3 राज्यों की पुलिस ग्रीन कॉरिडोर में एंबुलेंस को लेकर चलती रही। महिला का इलाज कर रहे गुर्दा रोग विशेषज्ञ डा. संदीप गर्ग  ने बताया की 110 किमी की दूरी तक पहुंचने में एंबुलेंस को 102 मिनट लगे।एम्बुलेंस सैंपल लेकर मेरठ से सोमवार सुबह 4.43 सात बजे भेज गया, जो 6.12 बजे गुरुग्राम की लैब पहुंच गया, जहां से रिपोर्ट शाम तक मिल जाएगी।

एसपी ट्रैफिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने निर्धारित समय में सैंपल गुरुग्राम पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाये जाने का आग्रह किया था। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रीन कॉरिडोर के रूप में ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था तैयार की गई। इसके बाद ग्रीन कॉरिडोर के जरिए ब्लड सैंपल सकुशल गुरूग्राम भेजे गए। सवाल महिला की जिंदगी बचाने का है।  मेरठ में 4 टीआई, 12 टीएसआई और 110 सिपाही मेरठ की सीमा में लगाए गये। ट्रैफिक पुलिस की अलग अलग स्थानों पर 16 गाड़ी लगाई गईं।

मेरठ से गाजियाबाद, दिल्ली और गुरग्राम तक अलग अलग राज्यों के 350 पुलिसकर्मी लगे। वायरलेस सेट से 15 मिनट पहले ही हाईवे को खाली करा लिया गया था। ग्रीन कॉरिडोर में सिर्फ सैंपल ले जाने वाली एंबुलेंस का काफिला था। एक बड़ी एंबुलेंस रिजर्व में साथ रही।

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