By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 06, 2022
नयी दिल्ली, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की शीर्ष नीति-निर्धारक इकाई जीएसटी परिषद की अगली बैठक में सबसे निचली कर दर को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर आठ प्रतिशत करने पर विचार कर सकती है। इसके अलावा राजस्व बढ़ाने और क्षतिपूर्ति के लिए केंद्र पर राज्यों की निर्भरता खत्म करने के लिए जीएसटी प्रणाली में छूट वाले उत्पादों की सूची में भी काट-छांट की जा सकती है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्यों के वित्त मंत्रियों की एक समिति जीएसटी परिषद को इस माह के अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है जिसमें सबसे निचले कर स्लैब को बढ़ाने और स्लैब को तर्कसंगत बनाने जैसे कई कदमों के सुझाव दिए जाएंगे। अभी जीएसटी में चार-स्तरीय कर ढांचा है जिसमें कर की दर पांच फीसदी, 12, 18 और 28 फीसदी है। आवश्यक वस्तुओं को या तो इस कर से छूट प्राप्त है या फिर उन्हें सबसे निचले स्लैब में रखा जाता है जबकि लग्जरी वस्तुओं को सबसे ऊपरी कर स्लैब में रखा जाता है।