गुजरात की अदालत ने दंगों पर सबूत गढ़ने के संबंध में पूर्व डीजीपी श्रीकुमार की याचिका खारिज की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 20, 2023

अहमदाबाद की एक सत्र अदालत ने पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आर बी श्रीकुमार की आरोपमुक्त करने की याचिका खारिज कर दी जिन पर 2002 के गोधरा दंगों के बाद के मामले में ‘‘निर्दोष लोगों’’ को फंसाने और गुजरात को बदनाम करने के लिए सबूत गढ़ने का आरोप है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए आर पटेल की अदालत ने सोमवार को अपने आदेश में कहा कि उसका मानना है कि प्रथम दृष्टया आरोपी पर अभियोग चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं और अभियोजन पक्ष को उनके खिलाफ सबूत पेश करने का अवसर दिया जाना चाहिए। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपी तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य के खिलाफ 8 जून, 2006 को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) और 120 (बी) (षड्यंत्र) जैसी धाराओं के तहत मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी द्वारा दायर शिकायत तैयार करने में शामिल थे।

पूर्व डीजीपी (खुफिया) श्रीकुमार 2002 के गोधरा दंगों के दौरान सशस्त्र इकाई के अतिरिक्त डीजीपी प्रभारी थे। उन्होंने आरोपमुक्त करने की याचिका दायर करते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। अहमदाबाद शहर पुलिस की अपराध शाखा ने जून 2022 में तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। आरोपपत्र पिछले साल 21 सितंबर को दाखिल किया गया था। सीतलवाड और श्रीकुमार वर्तमान में अंतरिम जमानत पर बाहर हैं, भट्ट गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर की एक जेल में हैं। भट्ट हिरासत में मौत को लेकर सजा काट रहे हैं।

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