By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 29, 2026
कैलास-मानसरोवर यात्रा पर गए गुजरात के कुछ अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के परिजन के लिए आपदा प्रभावित नेपाल से उनके लौटने का इंतजार करना बहुत तकलीफदेह है और क्षेत्र में मची भीषण तबाही के भयानक दृश्य उनके लिए बेहद परेशान करने वाले हैं, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की ओर से शुक्रवार को जारी सूची के मुताबिक, तिब्बत-नेपाल सीमा के पास अचानक आई बाढ़ के कारण लापता कम से कम 26 लोग गुजरात से ताल्लुक रखते हैं, जिनमें कैलास-मानसरोवर यात्रा पर गए कई एनआरआई भी शामिल हैं। सूची के अनुसार, आपदा के कारण लापता अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के कई एनआरआई के अहमदाबाद, आणंद, राजकोट, वलसाड, सूरत, खेड़ा, अमरेली, गांधीनगर और वडोदरा से संबंध हैं।
वडोदरा निवासी चिराग पटेल अपनी बहन किन्नरी पटेल और बहनोई मिहिर पटेल के बारे में खबर मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो एनआरआई हैं और पिछले 25 वर्षों से न्यूजीलैंड में रह रहे हैं। चिराग के मुताबिक, किन्नरी और मिहिर कैलास-मानसरोवर यात्रा के लिए 23 अगस्त को काठमांडू पहुंचे थे। उन्होंने बताया, “कल रक्षाबंधन पर मैं अपनी बहन के बारे में कोई खबर मिलने का इंतजार कर रहा था।
हमें राखी का त्योहार उनके (किन्नरी और मिहिर के) गुजरात लौटने के बाद मनाना था।” चिराग ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि वे ठीक होंगे और जल्द वापस आ जाएंगे। मैं बस भगवान शिव से प्रार्थना कर रहा हूं कि वे लौट आएं।” गीता पटेल के परिवार को अब बस इस उम्मीद का सहारा है कि उनके प्रियजनों से संपर्क बाढ़ के कारण नहीं, बल्कि खराब नेटवर्क के कारण टूटा है। गीता के अनुसार, उनके रिश्तेदार परेश पटेल, परेश की पत्नी ज्योति पटेल और बहन मीनाक्षी रमानी कैलास-मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे।
परेश और ज्योति जहां अमेरिका में रहते हैं, वहीं मीनाक्षी मुंबई की निवासी हैं। गीता ने बताया कि तीनों आव्रजन प्रक्रिया पूरी करने के बाद कैलास-मानसरोवर की ओर बढ़ रहे थे, तभी उनसे संपर्क टूट गया। उन्होंने बताया, “परेश ने अपनी मां सुशीलाबेन पटेल को फोन कर बताया था कि उन्होंने आव्रजन की प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब वे कैलास-मानसरोवर की ओर जा रहे हैं, जहां नेटवर्क की समस्या हो सकती है।” गीता ने कहा कि परिवार को उम्मीद है कि यह सिर्फ नेटवर्क की समस्या है और तीनों जल्द ही उनसे संपर्क करेंगे, क्योंकि सुशीलाबेन बेसब्री से उनका इंतजार कर रही हैं।