By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 07, 2026
अहमदाबाद, सात अक्टूबर गुजरात उच्च न्यायालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किए गए भारतीय व्यापार सेवा (आईटीएस) के एक अधिकारी की 2023 में हिरासत में हुई मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और डीआईजी (सीआईडी, अपराध) की देखरेख में घटना की जांच करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति एमके ठक्कर की पीठ ने आईटीएस के उस अधिकारी की हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले में एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया, जो रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय एजेंसी की ओर से ‘पोस्ट-ट्रैप’ प्रक्रिया के दौरान अपने चैंबर की खिड़की से कथित तौर पर कूद गया था। ‘पोस्ट-ट्रैप’ प्रक्रिया से आशय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत या भ्रष्टाचार के मामलों में जाल बिछाने के बाद की जाने वाली कानूनी और वैज्ञानिक कार्रवाई से है।
बिश्नोई पर आरोप था कि उन्होंने शिकायतकर्ता को सीमा शुल्क बचाने के लिए जरूरी लाइसेंस दिलाने के अपने आधिकारिक काम के बदले उससे नौ लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। सीबीआई ने 24 मार्च 2023 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 (आधिकारिक काम के लिए रिश्वत लेने के वास्ते लोक सेवक को सजा) के तहत बिश्नोई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। उसने दावा किया था कि रिश्वत की कथित रकम का कुछ हिस्सा बिश्नोई के कार्यालय की दराज से बरामद किया गया था।