By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 26, 2023
मुंबई। हार्दिक पंड्या की अगुआई में पिछले साल अपने पदार्पण में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) खिताब जीतने की उपलब्धि हासिल कर चुकी गुजरात टाइटन्स आगामी चरण में सभी सही कदम उठाने के प्रदर्शन को दोहराने के लक्ष्य से खेलने उतरेगी। गुजरात टाइटन्स की टीम सिर्फ आईपीएल 2022 की ट्राफी उठाने वाली सर्वश्रेष्ठ टीम नहीं बनी बल्कि उसने सभी प्रतिस्पर्धी टीमों में अपनी योजना का बेहतरीन ढंग से कार्यान्वयन किया।
वहीं मोहम्मद शमी (20 विकेट) और राशिद खान (19 विकेट) गेंद से उनके मुख्य मारक गेंदबाज रहे। गुजरात टाइटन्स को अपने तेज गेंदबाज लोकी फर्ग्यूसन को जाने देना पड़ा लेकिन उनकी अनुपस्थिति से उनकी गेंदबाजी कमजोर नहीं होगी जिसमें आयरलैंड के तेज गेंदबाज जोश लिटिल, वेस्टइंडीज के अल्जारी जोसफ, शिवम मावी, यश दयाल और कुछ और गेंदबाज शामिल हैं। मजबूत पक्ष : खिलाड़ियों के बीच अच्छा तालमेल बनाने के लिये पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा की अगुआई वाले कोचिंग स्टाफ को श्रेय दिया जाना चाहिए, विशेषकर खिलाड़ियों की भूमिका को लेकर स्पष्टता के लिए जो सबसे अहम था।
आगामी सत्र की तैयारी के दौरान टीम के अनियमित सदस्य मावी और आर साई किशोर ने बताया कि पिछले साल टीम के सफल अभियान में सबसे बड़ा कारण यही था कि खिलाड़ी अपनी भूमिकायें जानते थे जिससे उन्होंने रणनीति के अनुसार खेल दिखाया। शीर्ष पर गिल की विस्फोटक बल्लेबाजी के अलावा गुजरात के पास पंड्या, बी साई सुदर्शन, मैथ्यू वेड, ऋद्धिमान साहा, डेविड मिलर और राहुल तेवतिया के रूप में काफी अच्छे बल्लेबाज मौजूद हैं जो तेज तर्रार खेल दिखा सकते हैं। केन विलियमसन का टीम में शामिल होना भी टीम के लिये फायदेमंद होगा। साथ ही टीम ने आयरलैंड के टी20 विश्व कप के हैट्रिक गेंदबाज जोश लिटिल और वेस्टइंडीज के ओडियन स्मिथ को भी जोड़ा है।
विलियमसन के नाम आईपीएल में 2100 रन हैं और साथ ही उन्हें कप्तानी का भी अनुभव है जो कठिन विकेट पर तीसरे नंबर के बल्लेबाज की भूमिका निभा सकते हैं। अपनी बल्लेबाजी के लिये मशहूर तेवतिया ने सैयद मुश्ताक अली ट्राफी 2022-23 में गेंद के कौशल का भी प्रदर्शन किया और आठ मैचों में 14 विकेट चटकाये। कमजोर पक्ष : कागज पर देखें तो टीम ने पिछले सत्र के कमजोर पक्ष की भरपायी कर ली है। टीम की ‘बेंच स्ट्रेंथ’ इतनी मजबूत नहीं थी, मावी ने दावा किया था कि गुजरात टाइटन्स ने इसक समाधान ढूंढ लिया है। उदाहरण के तौर पर अगर पंड्या चौथे नंबर पर पारी को संभालने वाले खिलाड़ी थे तो अब उनके पास विलियमसन के रूप में एक और अच्छा विकल्प मौजूद है।
टीम को भले ही फर्ग्यूसन के रूप में एक अदद तेज गेंदबाज और डेथ ओवर में उनकी पैनी गेंदबाजी की कमी खले, लेकिन यह बड़ी चिंता का विषय नहीं होना चाहिए क्योंकि उनके पास अब काफी विकल्प मौजूद हैं। साथ ही यहां पर योजना के अनुसार खेल दिखाना अहम होगा। अवसर : पिछले साल जब टीम आईपीएल में पहुंची थी तो ज्यादातर लोगों ने गुजरात टाइटन्स को दावेदार नहीं माना था जिसमें उनके पास एक स्थापित खिलाड़ी तो मौजूद था लेकिन उसे कप्तानी का इतना अनुभव नहीं था। पंड्या आकर्षण का केंद्र नहीं थे और टूर्नामेंट शुरु होने के समय उनकी काबिलियत पर भी सवाल बने हुए थे। लेकिन गुजरात टाइटन्स धीरे धीरे सबसे संगठित, सुनियोजित, निर्धारित और अनुशासित इकाई के तौर पर सामने आयी। अगर टीम इस साल भी इसी रवैये से मैदान में उतरती है तो उसकी प्रतिद्वंद्वी टीमों को उनसे पार पाने में बड़ी कठिनाईयों का सामना करना होगा।
खतरा : कोई ऐसा बल्लेबाज है जिसने सभी तीनों प्रारूपों में काफी विकास किया है तो वह गिल ही हैं। अब उन्हें गुजरात की टीम के भविष्य के कप्तान के तौर पर देखा जा रहा है। उनके नाम वनडे में दोहरा शतक है और साथ ही टेस्ट में भी शतक है। वह अपने शिखर पर हैं जिससे वह टीम के सबसे खतरनाक बल्लेबाज साबित हो सकते हैं। पंड्या की कप्तानी प्रेरणादायी है। वह खिलाड़ियों से बराबरी का व्यवहार करते हैं, दोस्त की तरह रहते हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराने की काबिलियत रखते हैं जो काफी कुछ उनके मुख्य कोच नेहरा की तरह है। पंड्या का बल्ले और गेंद से हरफनमौला कौशल फिर से टीम के लिये महत्वपूर्ण होगा। दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर डेविड मिलर सत्र के पहले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ नहीं खेलेंगे लेकिन दूसरे मैच के बाद से उनके चयन के लिये उपलब्ध होने की उम्मीद है। वह तनावपूर्ण परिस्थितियों में मैच ‘फिनिश’ करने में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं और उनकी उपस्थिति टीम के मध्यक्रम को काफी खतरनाक बना देगी। साहा को युवा केएस भरत से कुछ प्रतिस्पर्धा मिल सकती है। मध्यक्रम में विलियमसन अहम होंगे।