By अनन्या मिश्रा | Jul 14, 2026
हिंदू धर्म में चैत्र और शारदीय नवरात्रि के अलावा दो 'गुप्त नवरात्रि' भी पड़ती हैं। गुप्त नवरात्रि शक्ति साधना का बेहद रहस्यमय और प्रभावशाली पर्व माना जाता है। माघ और आषाढ़ माह में आने वाली इन नवरात्रि को तांत्रिक और अघोरी के लिए खास मानी जाती है। इन नवरात्रि में अघोरी और तांत्रिक अपनी साधना को सिद्ध करने के लिए 'दस महाविद्याओं' की पूजा-उपासना करते हैं। गुप्त नवरात्रि में की जाने वाली साधना बेहद खास और प्रभावशाली मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं या विशेष देवियों की पूजा-आराधना करने से जातक को मनचाहा फल प्राप्त होता है।
गुप्त नवरात्रि के दौरान 9 दुर्गा की जगह पर 10 देवियों की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है।
मां काली
मां तारा
मां त्रिपुर सुंदरी
मां भुवनेश्वरी
मां छिन्नमस्ता
मां त्रिपुर भैरवी
मां धूमावती
मां बगलामुखी
मां मातंगी
मां कमला
बता दें कि गुप्त नवरात्रि की पूजा को 'गुप्त' रखा जाता है। जितना ज्यादा इसको गुप्त रखा जाता है, फल उतना ही ज्यादा मिलता है।
गुप्त नवरात्रि की साधना विशेष रूप से मध्यरात्रि, निशिथ काल में करना अच्छा माना जाता है।
अगर संभव हो तो 9 दिन तक अखंड ज्योति जलाना चाहिए।
मनोकामना के मुताबिक संबंधित देवी के मंत्रों का जाप करना चाहिए।
गुप्त नवरात्रि के 9 दिनों तक सात्विक आहार लेना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।