By अभिनय आकाश | Jul 31, 2026
मानसून की बारिश और मौसम में बदलाव के बीच, पिछले कुछ हफ़्तों में दिल्ली-एनसीआर में H1N1 इन्फ्लूएंजा के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। डॉक्टर बुखार, खांसी, सर्दी और सांस से जुड़ी दूसरी तकलीफ़ों वाले मरीज़ों की संख्या में इज़ाफ़ा बता रहे हैं। गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में इंटरनल मेडिसिन के प्रिंसिपल डायरेक्टर और यूनिट हेड, डॉ. सतीश कौल ने कहा कि पिछले तीन-चार हफ़्तों में अस्पतालों में सांस से जुड़ी तकलीफ़ों वाले मरीज़ों की संख्या बढ़ी है। पिछले 3-4 हफ़्तों में, अस्पतालों में खांसी, सर्दी और तेज़ बुखार वाले मरीज़ों की संख्या बढ़ी है। जांच में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों में काफ़ी बढ़ोतरी देखी गई है; डॉक्टर बता रहे हैं कि वे रोज़ाना OPD में ऐसे 7-10 मरीज़ देख रहे हैं। COVID-19 के मामलों में भी थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि ज़्यादातर H1N1 संक्रमण हल्के होते हैं और बुखार आम तौर पर तीन से पांच दिनों में ठीक हो जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बुज़ुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से ही डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों में गंभीर जटिलताओं का ख़तरा ज़्यादा होता है।
सिन्हा ने कहा हमारी OPD में ऊपरी श्वसन तंत्र (upper respiratory tract) के संक्रमण से पीड़ित मरीज़ों की संख्या बढ़ी है और हमने पाया है कि वे इन्फ्लूएंज़ा, खासकर H1N1 और इन्फ्लूएंज़ा A के लिए पॉज़िटिव पाए गए हैं। H1N1 से पीड़ित लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा, "अगर आपको यह संक्रमण हो जाए, तो दो-तीन दिन के लिए घर पर ही आइसोलेट हो जाएं और फेस मास्क का इस्तेमाल करें। अगर संक्रमण हो जाए, तो इलाज के लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सर गंगा राम अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के चेयरपर्सन डॉ. अतुल कक्कड़ ने कहा कि दिल्ली में वायरल रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन (सांस से जुड़े वायरल संक्रमण) के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी देखी जा रही है और कई मरीज़ों में फ्लू जैसे लक्षण दिख रहे हैं।