Interview: गलत घर की कुंडी खड़खड़ा दी थीः बीरेंद्र सिंह

By डॉ. रमेश ठाकुर | Apr 15, 2024

चौधरी बीरेंद्र सिंह हरियाणा के कदावर और जाट के बड़े नेताओं में शुमार हैं। कांग्रेस में विभिन्न पदों व केंद्र में मंत्री भी रहें। भाजपा में चले गए थे, लेकिन फिर से कां्रगेस में वापसी की है। कांग्रेस ने उनके आगमन का स्वागत खुलेदिल से गर्मजोशी से साथ किया है। क्योंकि उनके आने से हरियाणा की राजनीति में जबरदस्त बदलाव आएगा। लोकसभा में जाट वोटर उनसे जुड़ेंगे जिनमें उनका बड़ा प्रभाव है। बीरेंद्र सिंह कहते हैं कि भाजपा में लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं? भाजपा में अंदर रहकर क्या-क्या देखा जैसे तमाम मुद्दों पर उन्होंने डा. रमेश ठाकुर के साथ विस्तृत बातचीत की। पेश हैं बातचीत के मुख्य हिस्से।

उत्तरः पुराने लोग और पुराना घर इंसान को हर पल याद आता है। ख्याल तो बहुत पहले आना शुरू हो गया था। पर, सही समय का इंतजार था। मेरे इस निर्णय को ’घर वापसी’ न कहें, बल्कि ’विचार की वापसी’ कहें, तो ज्यादा बेहतर होगा। कांग्रेस में दोबारा आना, मेरे लिए बेहद भावनात्मक क्षण है। वापसी पर पुराने साथी मेरा जिस खुलेदिल से स्वागत-सम्मान कर रहे हैं, इससे मुझे एहसास होता है कि जाने-अंजाने में मैंने कितनी बड़ी भूल की? शायद भूल से ही गलत घर की कुंड़ी खड़खड़ा दी थी। लेकिन, अब पार्टी को मजबूत करना है और मिलकर आगे बढ़ाऐंगे। नफरती राजनीति के खिलाफ छिड़ी मुहीम में हम सब राहुल गांधी के सिपाही बनेंगे।

प्रश्नः कांग्रसे की स्थिति आज भी वैसी ही है, जैसी आप छोड़कर गए थे। आपको उम्मीद है हालात सुधर पाएंगे?

उत्तरः हिंदुस्तान का कोई ऐसा सियासी दल नहीं है जिसके दिन कभी उन्नीस-बीस न हुए हों? भाजपा किन-किन हथकंड़ों को इस्तेमाल करके आगे बढ़ रही है, ये देश जान चुका है जिसकी हल्की सी बानगी इलेक्टॉन बांड कांड और चंडीगढ़ वोट चोरी से उजागर हो गया है। इसलिए, भविष्य में बीजेपी के हालात कितने बदतर होंगे जिसकी कल्पना तक कोई नहीं कर सकता। क्योंकि मैं अंदर रहकर सबकुछ देखा है। अंदरूनी हालातों से वाकिफ हूं। खाटी के पारंपरिक भाजपाई मोदी-शाह से कितने दुखी है, मैं बता नहीं सकता? दोनों के खिलाफ विरोध की चिंगारी कभी भी भड़क सकती है। रही बात, कांग्रेस के हालात सुधरने के, तो हम एकता का प्रदर्शन करके आगे बढ़ेंगे। सबसे पहले हमें लोकतंत्र और संविधान को बचाना है। मौजूदा शासक चुनावी प्रक्रिया को खत्म करने पर आमादा है।

इसे भी पढ़ें: Interview: दिग्विजय सिंह ने कहा- सियासत का सुनहरा दौर गुजर गया, जिसे हम लोगों ने जिया

प्रश्नः आपके आने से पार्टी को उम्मीद है, हरियाणा की राजनीति में बदलाव आएगा?

उत्तरः हरियाणा खेती किसानी और खेल विधाओं पर निर्भर है। लेकिन इन दोनों क्षेत्रों में प्रधानमंत्री की उदासीनता प्रदेशवासियों को आहात करती है। पहलवान बेटियों को न्याय नहीं मिला? महीनों दिल्ली में बैठी रहीं? उनसे मिलने तक प्रधानमंत्री नहीं गए। किसान भाई अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। उनके साथ आंतंकियों जैसा सलूक हुआ। ये सब देखकर मेरा मन भाजपा से खिन्न हुआ। मैं ऐसी राजनीति को बारंबार ठोकर मारूंगा, जहां मेरे लोगों का अपमान होता हो? जाट एकता अब एकजुट है, आगामी चुनाव में एकता परिचय भाजपा को करवा देंगे। मनोहर लाल खट्टर के साथ जो दिल्ली के नेताओं ने खेला किया है। वो भी गंदी राजनीति से वाकिफ हो चुके हैं। पूरे हरियाणा-पंजाब में भाजपा के खिलाफ लहर फैली हुई है। इनके लोगों को गांव वाले चुनाव प्रचार के लिए नहीं घुसने दे रहे। स्थानीय भाजपा नेता घरों में घुसे हुए हैं। इनकी बेशमाई देखिए, ऐसे हालातों में भी ये जीत का दावा करते हैं।

प्रश्नः भाजपा में रहकर आपने क्या देखा?

उत्तरः देखा कि पार्टी में लोकतंत्र नाम की चीज नहीं है। वहां सिर्फ दो लोगों की ही चलती है। बाकी सब ‘जी सर-जी सर’ करते हैं। पार्षद का टिकट दिलवाने की भी किसी की हिम्मत नहीं? भय के चलते कोई नेता, मंत्री खुलकर अपनी बात नहीं रखता। अगर कोई हिम्मत दिखाता भी, उसका पत्ता साफ कर दिया जाता है।ब्यूरोक्रेट से लेकर अधिकारी-कर्मचारी सभी डरे हुए है। संवैधानिक संस्थाओं के अधिकारों को कुचल दिया गया है। सभी मंत्रालयों की चाबियां मोदी ने अपने पास रखी हुई हैं। उनके बिना इजाजत के कोई मंत्री निर्णय नहीं ले सकते।

प्रश्नः कहते हैं कि भाजपा में आने वाले दूसरें दलों के नेताओं को खूब तवज्जों दी जाती है?

उत्तरः मुझे भी दी थी? लेकिन शुरू-शुरू में? भाजपा तोड़फोड़ में ज्यादा विश्वास रखती है। इस बार लोकसभा चुनाव में वो बाहरी नेताओं को ज्यादा टिकट दे रहे हैं। उनके अपने नेता मुंह ताक रहे हैं। मोदी बाहरी नेताओं को सिर्फ एक मौका देते है, उसके बाद किनारे कर लेते हैं। कांग्रेस से टूटकर जितने भी नेता गए हैं या पहुंच रहे हैं, देखना एक दिन सभी वापस आएंगे। महाराष्टृ में जो खेल इन्होंने खेला है। दो दलों में दो फाड़ किए हैं, उसका खामियाजा इन्हें चुनावों में भुगतना पड़ेगा। भाजपा महाराष्टृ से खत्म हो जाएगी। भाजपा के लालच में आकर पार्टी से बगावत करने वाले नेता पश्चापात करेंगे।

-बातचीत में जैसा कांग्रेस नेता बीरेंद्र सिंह ने डॉ. रमेश ठाकुर से कहा

प्रमुख खबरें

Tech कंपनी में बड़ा फेरबदल: Layoffs के बाद Hillary Maxson बनीं नई CFO, AI पर होगा बड़ा निवेश

Aviation Sector से MSME तक को मिलेगी Oxygen, सरकार ला रही नई Loan Guarantee Scheme

Air India के Top Level पर बड़ा फेरबदल, CEO Campbell Wilson का इस्तीफा, नए बॉस की तलाश तेज

Candidates Tournament: Tan Zhongyi की एक गलती पड़ी भारी, Vaishali ने मौके को जीत में बदला