By अभिनय आकाश | Oct 27, 2026
अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन अपने उफान पर हैं। ऐसे में जहां प्रेसिडेंट ट्रंप अपने इलेक्शन कैंपेन में ईरान पर अटैक करने की धमकियां दे रहे हैं और ईरान के साथ उलझने को अपनी जीत के तौर पर पेश करने की कोशिश में हैं। ट्रंप स्टेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिका का कंट्रोल होने का दावा करते हैं। यहां तक कहते हैं कि हमने ईरान की नेवी को खत्म कर दिया है। इस बीच अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उन्हें होरमोस को लेकर आईना दिखा दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के इलेक्शन कैंपेनिंग में अमेरिका के फॉर्मर प्रेसिडेंट बराक ओबामा ने बड़ा तंज कस दिया है ट्रंप पर। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने होर्मुज पर ईरान को वीटो पावर दे दिया। ओबामा ने ट्रंप और अमेरिका के दावों पर ही सवाल उठा दिए हैं। इतना ही नहीं मिड इलेक्शन में रिपब्लिकन के लिए नई चुनौती भी पैदा कर दी है। ओबामा ने ईरान के साथ जंग छेड़ने के अलावा कनाडा पर इतना ज्यादा टेरिफ लगाने को भी गलत बताया। उन्होंने ट्रंप की इन नीतियों को अमेरिका में बढ़ती महंगाई के लिए जिम्मेदार बताया। दरअसल ओबामा ने ट्रंप पर इल्जाम लगाकर दुनिया को यह बताने की कोशिश की है कि ट्रंप की गलतियों की वजह से आज ईरान होर्मुज पर आकर बैठ गया है।
ओबामा के आरोप से तिलमिलाकर ट्रंप ने भी ओबामा पर पलटवार किया। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा ओबामा एक बेहद नाकाबिल प्रेसिडेंट थे। उन्होंने ईरान को अरबों डॉलर दिए और उनके लिए परमाणु हथियार बनाने का रास्ता साफ किया। हालांकि आंकड़े बताते हैं कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के उस दावे में काफी सच्चाई है जिसमें उन्होंने कहा है कि हुरमुस का वीटो पावर ईरान के पास है। ईरान के कंट्रोल के चलते हुरमुस से तेल और गैस के टैंकर पास नहीं हो पा रहे हैं। इससे अमेरिका समेत पूरी दुनिया में एनर्जी की कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं। हालांकि अमेरिका हुरमोस पर कई बार अपना कंट्रोल होने का दावा करता रहा है। लेकिन अमेरिका में बढ़ती महंगाई और हुरमुस से गुजरने वाले तेल, गैस और जहाजों के आंकड़ों ने अमेरिकी दावे की पोल खोल दी है और इसी पर ओबामा ने तंज किया है। ईरान अमेरिका तनाव एक बार फिर खत्म खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ फिर सैन्य कारवाई कर सकता है। लेकिन इस बार ईरान ने भी ऐसा जवाब देने की तैयारी की है जिसका असर सिर्फ युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि आपके इंटरनेट ऑनलाइन पेमेंट और कारोबार तक पहुंच सकता है। दरअसल ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने रटर्स को बताया अगर अमेरिका और इजराइल ने दोबारा ईरान पर हमला किया तो ईरान खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी संचार केबल को निशाना बना सकता है।
दुनिया का करीब 99% इंटरनेट ट्रैफिक समुद्र के नीचे बिछी। उन्हीं केबल के जरिए चलता है। यानी अगर बड़ी संख्या में यह केबल कटती हैं तो इंटरनेट की स्पीड से लेकर ऑनलाइन बैंकिंग, क्लाउड सर्विस और इंटरनेशनल बिजनेस तक प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि एक जरूरी फैक्ट यह भी है कि हॉर्मोस जलडमरू मध्य से दुनिया के इंटरनेशनल इंटरनेट बैंडविड्थ का 1% से भी कम गुजरता है। इसलिए इसका मतलब यह नहीं कि पूरी दुनिया का इंटरनेट बंद हो जाएगा। लेकिन अगर केबल एक साथ क्षतिग्रस्त होती है तो ट्रैफिक को दूसरी लाइनों पर शिफ्ट करना पड़ेगा। इससे कुछ जगहों पर इंटरनेट धीमा हो सकता है और नेटवर्क पर दबाव बढ़ सकता है।