By Ankit Jaiswal | May 10, 2026
एक अंतरराष्ट्रीय क्रूज जहाज से हंता वायरस के मामलों के सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं बढ़ गई हैं जिसके बाद से अब यात्रियों को सुरक्षित तरीके से उतारने की तैयारी की जा रही है।
गौरतलब है कि इस पूरे अभियान में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसुस की भी भूमिका अहम मानी जा रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि इस जहाज से संक्रमण का खतरा बहुत कम है और इसे किसी बड़े वैश्विक संकट की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
स्पेन की स्वास्थ्य मंत्री मोनिका गार्सिया गोमेज ने स्पष्ट किया है कि जहाज पर जिन यात्रियों की मृत्यु हुई है, उनके शव और सामान को टेनेरिफ में नहीं उतारा जाएगा, बल्कि वे जहाज पर ही रहेंगे और आगे की प्रक्रिया वहीं पूरी की जाएगी।
मौजूद जानकारी के अनुसार इस जहाज पर 20 से अधिक देशों के लोग सवार हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल जहाज पर मौजूद किसी भी यात्री या चालक दल के सदस्य में हंता वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
बताया जा रहा है कि इस संक्रमण की शुरुआत के बाद अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक डच दंपति और एक जर्मन महिला शामिल हैं। इसके अलावा पांच ऐसे यात्रियों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है, जो पहले ही जहाज से उतर चुके थे।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार संक्रमित लोगों में एंडीज प्रकार का हंता वायरस पाया गया है, जो दुर्लभ मामलों में व्यक्ति से व्यक्ति में फैल सकता है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी हुई है।
गौरतलब है कि हंता वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों के मल या मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है और इसके लक्षण एक से आठ सप्ताह के बीच सामने आ सकते हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार इस मामले में शुरुआत में संपर्क तलाशने की प्रक्रिया में कमी भी सामने आई थी, क्योंकि अप्रैल के अंत में कुछ यात्री बिना निगरानी के जहाज से उतर गए थे। बाद में मई की शुरुआत में एक यात्री में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद मामला गंभीर रूप से सामने आया है।
फिलहाल स्वास्थ्य एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और यात्रियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि संक्रमण के किसी भी संभावित खतरे को नियंत्रित किया जा सके।