Haryana Election: गठबंधन में कहां फंस रहा पेंच, Congress से कितनी सीटें चाहती है AAP?

By अंकित सिंह | Sep 04, 2024

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अगले महीने होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव को एक साथ लड़ने के लिए 'सैद्धांतिक सहमति' पर पहुंच गई हैं। हालांकि, इसमें सीटों के बंटवारे को लेकर पेंच फंसता हुआ दिखाई दे रहा है। सूत्रों ने कहा कि शुरुआती बातचीत में आप ने 10 सीटों की मांग की है, जबकि कांग्रेस केवल पांच से सात सीटें देने को तैयार है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को भी एक सीट देने को तैयार है।

इसे भी पढ़ें: नहीं मिल रही केजरीवाल से मिलने की अनुमति, AAP सांसद संजय सिंह खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, लगाया बड़ा आरोप

आगामी हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन पर आप सांसद राघव चड्ढा ने हरियाणा के कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया के आवास पर बैठक भी की है। बैठक के बाद दीपक बाबरिया ने बताया कि हम उनसे बात कर रहे हैं। कोई भी समझौता तभी होता है जब जीत-जीत की स्थिति हो। हम ऐसे समाधान पर काम कर रहे हैं जिससे हम दोनों को फायदा होगा। हम इस पर काम कर रहे हैं और एक-दो दिन में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा, नहीं तो हम इसे छोड़ देंगे।

सीटों के सावल पर उन्होंने कहा कि मैं नंबर गेम में नहीं जाना चाहता... लेकिन यह बहुत छोटी संख्या होगी।' सिंगल डिजिट... बीजेपी को हराने के लिए हमें जो भी करना होगा, हम करेंगे।' उन्होंने कहा कि फिलहाल हम आम आदमी पार्टी से बात कर रहे हैं। एक-दो अन्य दलों ने भी संपर्क किया है, हम एक-दो दिन में जवाब देंगे। सीपीआईएम और समाजवादी पार्टी ने हमसे संपर्क किया। वे बहुत कम संख्या की उम्मीद कर रहे हैं। वे राज्य में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं। हम एक ऐसी सीट की भी तलाश कर रहे हैं जो हमारे और उनके लिए सुविधाजनक हो। 

इसे भी पढ़ें: राष्ट्रपति ने बढ़ाई LG की ताकत तो बौखलाई AAP, सौरभ भारद्वाज बोले- पिछले दरवाजे से दिल्ली पर कब्ज़ा करना चाहती बीजेपी

दोनों पार्टियां अपनी चुनावी संभावनाओं को मजबूत करने और अपने प्रतिद्वंद्वियों को प्रभावी ढंग से चुनौती देने के लिए संयुक्त मोर्चे की संभावना तलाश रही हैं। यह संभावित गठबंधन आगामी चुनावों में अपने प्रभाव को अधिकतम करने के लिए विचार की जा रही रणनीतिक चालों पर प्रकाश डालता है। आज की चर्चाओं के नतीजे हरियाणा में राजनीतिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकते हैं और अधिक प्रतिस्पर्धी चुनावी लड़ाई के लिए मंच तैयार कर सकते हैं।

प्रमुख खबरें

Ajit Pawar जीवित होते तो फरवरी में ही NCP का विलय हो जाता, Sunil Tatkare का बड़ा दावा

2018 Sandpaper Gate पर Usman Khawaja का खुलासा, पूरी Australian Team को Ball Tampering का पता था

6 महीने में मेरी जान लेने की 7वीं कोशिश, Abhishek Banerjee के आवास पर हमले का दावा, बीजेपी पर साधा तीखा निशाना

Indira Gandhi ने संसद के बाहर साधुओं पर गोली चलवाई थी, BJP MP Nishikant Dubey का Congress पर वार