बंबई हाई कोर्ट का फैसला, महाराष्ट्र सरकार कोविड-19 के दौरान राजनीति रैलियों पर रोक लगाए

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 30, 2021

मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार को महामारी के दौरान लागू कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाली राजनीतिक रैलियों कोरोकना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की पीठ ने पूछा कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए बड़ी सभाओं पर रोक के बावजूद इस महीने की शुरुआत में पड़ोसी नवी मुंबई में एक हवाई अड्डे के नाम को लेकर आयोजित रैली सहित ऐसी रैलियों की अनुमति कैसे दे दी गई।

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उनकी मांग की थी कि निर्माणाधीन नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम स्थानीय नेता दिवंगत डीबी पाटिल के नाम पर रखा जाए। उन्होंने हवाई अड्डे का नाम शिवसेना के दिवंगत प्रमुख बाल ठाकरे के नाम पर रखने के फैसले को रद्द करने की मांग की। विरोध रैली का जिक्र करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि हवाई अड्डा अभी तैयार भी नहीं है, लेकिन लोग इसके संभावित नाम पर राजनीतिक फायदे के लिए रैलियां आयोजित कर रहे हैं। उच्च न्यायालय ने पूछा , “हमने सोचा था कि अधिकतम 5,000 लोग होंगे। यह पता चला कि (रैली में) 25,000 लोग थे। क्या ये कोविड-19 के खत्म होने तक इंतजार नहीं कर सकते हैं? अदालत ने सवाल कोविड ​​-19 की रोकथाम एवं इलाज के लिए संसाधनों के प्रबंधन और महामारी की संभावित तीसरी लहर को लेकर राज्य की तैयारियों पर कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान ये सवाल किये। अदालत जनहित याचिकाओं पर अगले हफ्ते सुनवाई जारी रखेगी।

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