By Ankit Jaiswal | Aug 05, 2026
एचडीएफसी बैंक ने अपनी वार्षिक आम बैठक के दौरान निवेशकों और ग्राहकों को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि बैंक की बुनियादी व्यवस्था मजबूत बनी हुई है और आने वाले समय में उसके प्रमुख वित्तीय संकेतकों में सुधार देखने को मिलेगा। बैंक के अंशकालिक अध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि संस्था की कार्यप्रणाली पारदर्शी है और बैंक भविष्य में भी उच्च स्तर की शासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
बता दें कि राजीव कुमार की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बैंक हाल के महीनों में अपनी शासन व्यवस्था को लेकर चर्चा में रहा है। इससे पहले बैंक के पूर्व अंशकालिक अध्यक्ष अतनु चक्रवर्ती ने मार्च में अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह व्यक्तिगत नैतिक मूल्यों और संस्था के कुछ दृष्टिकोणों के बीच मतभेद को बताया था।
गौरतलब है कि इस घटनाक्रम के बाद बैंक की ओर से स्वतंत्र कानूनी जांच कराई गई थी। जून में आई जांच रिपोर्ट में नैतिकता और शासन व्यवस्था से जुड़े आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद बैंक ने अपनी आंतरिक व्यवस्था को लेकर भरोसा दोहराया था।
राजीव कुमार ने भविष्य में निदेशक मंडल में होने वाली नियुक्तियों को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दिए। उन्होंने कहा कि बैंक ऐसे लोगों को जिम्मेदारी देगा जो योग्यता, ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता के उच्च मानकों पर खरे उतरते हों। उनके अनुसार उत्कृष्ट नेतृत्व मिलना आसान नहीं होता, लेकिन बैंक इसी आधार पर नए निदेशकों का चयन करेगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार, हाल के महीनों में बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन के तीसरे कार्यकाल को लेकर भी चर्चा चल रही है। हालांकि वार्षिक आम बैठक के शुरुआती संबोधन में राजीव कुमार ने इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं की।
बैठक के दौरान उन्होंने बैंक के वित्तीय प्रदर्शन पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि एचडीएफसी लिमिटेड के एचडीएफसी बैंक में विलय के बाद बैंक की बैलेंस शीट में कुछ संरचनात्मक बदलाव हुए हैं। इसी कारण चालू और बचत खातों में जमा की हिस्सेदारी तथा शुद्ध ब्याज आय पर कुछ दबाव देखने को मिला है। हालांकि उनका कहना है कि यह अस्थायी स्थिति है और आने वाली कुछ तिमाहियों में इन दोनों संकेतकों में सुधार होने की पूरी संभावना है।
बता दें कि बैंक लगातार अपनी जमा बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। राजीव कुमार ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान बैंक की कुल जमा में 14.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पूरे बैंकिंग क्षेत्र में यह वृद्धि 11.5 प्रतिशत रही। वहीं बैंक द्वारा दिए गए ऋण में भी 12.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
उन्होंने कहा कि बैंक अब उपभोक्ता खर्च से जुड़े क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दे रहा है। साथ ही नए ग्राहकों को जोड़ने और जमा आधार को मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम किया जा रहा है। बैंक को उम्मीद है कि इन प्रयासों का सकारात्मक असर आने वाली तिमाहियों में दिखाई देगा और वित्तीय प्रदर्शन पहले की तुलना में और बेहतर होगा। राजीव कुमार ने विश्वास जताया कि मजबूत आंतरिक व्यवस्था, बेहतर प्रबंधन और दीर्घकालिक रणनीति के दम पर बैंक आगे भी अपने ग्राहकों और निवेशकों का भरोसा बनाए रखने में सफल रहेगा।