HDFC Bank Share Price | एचडीएफसी बैंक संकट! 'नैतिक मतभेदों' के चलते अतानु चक्रवर्ती का इस्तीफा, शेयर 8% तक लुढ़का

By रेनू तिवारी | Mar 19, 2026

भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, HDFC Bank के लिए आज का दिन शेयर बाजार में किसी बड़े झटके से कम नहीं रहा। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के अचानक और सनसनीखेज इस्तीफे के बाद बैंक के शेयरों में 8 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार की सुबह जैसे ही बाजार खुला, HDFC Bank के शेयरों में 'पैनिक सेलिंग' (घबराहट में बिकवाली) देखी गई।

मार्केट कैप: इस गिरावट के साथ बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन गिरकर ₹12,37,977.16 करोड़ रह गया है।

ग्लोबल असर: भारतीय बाजारों के साथ-साथ अमेरिका में बैंक के ADRs (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स) में भी 7.5% की भारी गिरावट दर्ज की गई।

BSE पर यह शेयर पिछले बंद भाव 842.95 रुपये के मुकाबले 7.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ 776 रुपये पर 'गैप डाउन' खुला। ट्रेडिंग वॉल्यूम में अचानक आई तेज़ी के बीच, शेयर और नीचे गिरकर 772 रुपये के निचले स्तर पर पहुँच गया, जो 8.42 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है।

इस बीच, शेयर ने 814.55 रुपये का इंट्राडे हाई भी छुआ। आखिरी बार जब देखा गया, तो शेयर 5.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 800.50 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, और कंपनी का मार्केट कैप 12,37,977.16 करोड़ रुपये था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर, शेयर पिछले बंद भाव 843.05 रुपये के मुकाबले 770 रुपये पर खुला। बाद में इसने क्रमशः 814.50 रुपये और 770 रुपये का इंट्राडे हाई और लो छुआ।

इस बीच, HDFC Bank के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs) में भी गिरावट आई और वे 7.5 प्रतिशत नीचे बंद हुए।

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अतानु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दिया

अतानु चक्रवर्ती ने "मूल्यों और नैतिकता" को लेकर बैंक के साथ मतभेदों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया है। चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में विस्तार से कुछ बताए बिना कहा, "बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाएँ और कार्यप्रणालियाँ हैं, जिन्हें मैंने पिछले दो वर्षों में देखा है, जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं।" 

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विश्लेषकों की राय: निवेशकों के लिए चिंता का विषय?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, HDFC Bank जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के शीर्ष स्तर से इस तरह का बयान आना निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित करता है। अतानु चक्रवर्ती का कार्यकाल और उनके द्वारा उठाए गए सवाल यह संकेत देते हैं कि बैंक के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। आने वाले दिनों में RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) की प्रतिक्रिया और बैंक की बोर्ड मीटिंग पर सभी की नजरें टिकी होंगी।

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