By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 10, 2025
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि आरबीआई के 2017 के दिशानिर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया पूरी करने के बाद बैंक खातों को धोखाधड़ी वाला घोषित किए जाने के बाद ऐसे खाताधारकों को निजी सुनवाई का मौका देने का क्या औचित्य होगा।
पीठ ने अमित आयरन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता के परमेश्वर से कहा, जब बैंक आरबीआई परिपत्र के अनुरूप निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं, और कारण बताओ नोटिस के बाद आपको लिखित में अपना पक्ष रखने का मौका दे रहे हैं, तो व्यक्तिगत सुनवाई का औचित्य क्या है?
सुनवाई की शुरुआत में एसबीआई की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि व्यक्तिगत सुनवाई पर जोर देने से बैंकों और नियामक व्यवस्था की अखंडता को ठोस नुकसान होता है। इस मामले पर सुनवाई पूरी नहीं हो पाई और यह बुधवार को भी जारी रहेगी।