Manipur Violence को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, अदालत ने 17 मई तक मांगा रिपोर्ट, कहा- ये मानवीय संकट

By अंकित सिंह | May 08, 2023

मणिपुर हिंसा मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। केंद्र और मणिपुर सरकार ने राज्य में हिंसा से निपटने के लिए उठाये गये कदमों से अवगत कराते हुए कहा कि बीते दो दिनों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। केंद्र और मणिपुर सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सीएपीएफ के 35 ट्रूप, अर्धसैनिक बल और सेना तैनात हैं। पिछले दो दिनों में राज्य में कोई हिंसा नहीं हुई है और सामान्य स्थिति बहाल हो रही है। सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों के आवास और भोजन उपलब्ध कराने के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने नोट किया कि सॉलिसिटर जनरल ने आश्वासन दिया है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा बताई गई चिंताओं को दूर किया जाएगा और सक्रिय आधार पर उपचारात्मक उपाय किए जाएंगे। आदिवासी संगठन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आदिवासियों पर हमले हो सकते हैं। CJI चंद्रचूड़ का कहना है कि कोर्ट स्थिति को स्थिर करना चाहता है। गौरतलब है कि मणिपुर में बहुसंख्यक मेइती समुदाय द्वारा उसे अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग के विरोध में आदिवासियों द्वारा मणिपुर के दस पहाड़ी जिलों में प्रदर्शन किए जाने के बाद पिछले बुधवार को हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें कम से कम 54 लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने कहा कि अब तक 23,000 लोगों को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से बचाया गया है और सैन्य छावनियों में ले जाया गया है।

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