Women Health: पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग को नहीं करना चाहिए नजरअंदाज, जानिए कब होता है खतरे का संकेत

By अनन्या मिश्रा | Apr 17, 2025

पीरियड्स की वजह से कई महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि पीरियड्स अपनी आप में कोई समस्या नहीं होते हैं। लेकिन इस दौरान हैवी ब्लीडिंग की समस्या होती है। आमतौर पर कई महिलाएं हैवी ब्लीडिंग की स्थिति को नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन बता दें कि हैवी ब्लीडिंग की इस समस्या को मेडिकल की भाषा में मेनोरेजिया कहा जाता है। अगर आपको इस स्थिति के बारे में नहीं पता है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि मेनोरेजिया क्या है और इसके क्या लक्षण होते हैं।


क्या है मेनोरेजिया

यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें महिलाओं को पीरियड्स के दौरान अधिक ब्लीडिंग होती है। आइए मेनोरेजिया के कारणों के बारे में जानते हैं।

महिलाओं को मेनोरेजिया की समस्या हार्मोनल असंतुलन की वजह से हो सकती है।

गर्भाशय से जुड़ी समस्याएं जैसे पॉलीप्स या फाइब्रॉएड आदि मेनोरेजिया का कारण बन सकती हैं।

थायराइड जैसे हाइपोथायरायडिज्म भी मेनोरेजिया के पीछे की वजह बन सकती है।

हीमोफीलिया जैसे ब्लड डिसऑर्डर भी इस स्थिति का कारण बन सकते हैं।

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मेनोरेजिया के लक्षण

लंबे समय तक ब्लीडिंग

थकान और कमजोरी

हैवी ब्लीडिंग

पेट में दर्द

एनीमिया


कब खराब हो सकती है मेनोरेजिया की स्थिति

मेनोरेजिया या पीरियड्स के दौरान भारी ब्लीडिंग की समस्या तब परेशानी का सबब बन सकती है, जब यह सात दिनों से ज्यादा रहती है। आमतौर पर मासिक धर्म चक्र 4-5 दिनों तक चलता है। इस दौरान 30-40 मिलीलीटर ब्लड की हानि होती है। लेकिन मेनोरेजिया की स्थिति में ब्लीडिंग एक सप्ताह से ज्यादा समय तक रह सकती है। इस स्थिति में प्रति साइकिल 80 मिली से ज्यादा खून की हानि हो सकती है। ऐसे में यदि आपके पीरियड्स 7 दिनों से ज्यादा रहते हैं और डेली एक्टिविटी में परेशानी होती है, तो यह किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है।


क्यों जरूरी है ट्रीटमेंट

हालांकि कुछ मामलों में लंबे समय तक ब्लीडिंग कैंसर या एंडोमेट्रियल हाइपरप्लासिया जैसी गंभीर स्थितियों का संकेत हो सकती हैं। एनीमिया की वजह से थकान, बड़े रक्त के थक्के, चक्कर आना और सांस लेने में तकलीफ हो सकती हैं। अगर अधिक दर्द के साथ ब्लीडिंग की समस्या 10 दिनों से ज्यादा रहती है, तो इस दौरान हर घंटे पैड या टैप्पोन बदलने की जरूरत होती है। अगर आप समय पर मेनोरेजिया का ट्रीटमेंट नहीं कराते हैं, तो एनीमिया और ज्यादा थकान होने जैसी समस्या बनी रह सकती है। इससे आपकी पूरी सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।


मेनोरेजिया की स्थिति से बचने के लिए आपको दवाओं और हार्मोनल थेरेपी से लेकर गंभीर मामलों में सर्जरी कराने की जरूरत पड़ सकती है। इस स्थिति में शुरूआती इलाज मेंस्ट्रुअल साइकिल को रेगुलेट करने और आगे की समस्याओं को रोकने में प्रभावी हो सकती है। इसलिए पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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