राजस्थान में अति भारी बारिश का दौर जारी, मौसम विभाग ने दी आगामी दिनों की चेतावनी

By रेनू तिवारी | Oct 28, 2025

चक्रवात मोंथा का असर पूरे देश में देखने को मिल रहा है। जहां दक्षिण भारत में लगातार हाई अलर्ट जारी है। वहीं तटीय क्षेत्रों में समुद्र में तूफानी लहरे उठ रही थी।वहीं दक्षिण के अलावा मैदानी इलाकों में भी मौसम पलट गया है। चक्रवात मोंथा और एक परिसंचरण तंत्र के असर से राजस्थान के अनेक भागों में बीते चौबीस घंटे में भारी से अति भारी बारिश हुई है। बारिश की वजह से तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई है।

इसे भी पढ़ें: UPSC Aspirant Murder Case | फॉरेंसिक छात्रा ने रचा खौफनाक मर्डर,अमृता चौहान को 2024 में परिवार ने त्याग दिया

 

सर्वाधिक 130 मिलीमीटर बारिश नैनवा, बूंदी में दर्ज की गई है। राजधानी जयपुर में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन बादल छाए रहे। मौसम में इस बदलाव से अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। मौसम केंद्र के अनुसार उदयपुर, कोटा संभाग व आसपास के जिलों में आज भी कहीं-कहीं भारी बारिश व अजमेर, जयपुर और भरतपुर व जोधपुर संभाग के कुछ भागों में बादलों की गरज के साथ हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है।

इसे भी पढ़ें: ग्रेजुएट युवाओं के लिए खुशखबरी! SBI में निकलने वाली हैं 3500 अधिकारी पदों पर बंपर भर्तियां

राज्य में भारी बारिश की गतिविधियों में 29 अक्टूबर से वृद्धि होगी, हालांकि दक्षिणी व दक्षिण-पूर्वी भागों में आगामी 4-5 दिन हल्की मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इसी तरह पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र, बीकानेर संभाग व शेखावाटी क्षेत्र में आगामी 4-5 दिन मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं एक और नया पश्चिमी विक्षोभ तीन नवंबर को पुनः सक्रिय होने से पश्चिमी व पूर्वी भागों में हल्की-मध्यम बारिश हो सकती है।

चक्रवात मोन्था सोमवार को बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक भीषण चक्रवाती तूफ़ान में बदल गया। आंध्र प्रदेश और ओडिशा हाई अलर्ट पर हैं, लोगों को निकालने का काम तेज़ी से चल रहा है और आज रात काकीनाडा के पास आने वाले संभावित भूस्खलन की तैयारी कर रहे हैं। 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार वाली हवाओं के साथ आ रहे इस तूफ़ान ने तटीय क्षेत्र में पहले ही भारी बारिश और तेज़ हवाएँ चला दी हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात मोन्था सोमवार सुबह मछलीपट्टनम से लगभग 190 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और विशाखापत्तनम से 340 किलोमीटर दक्षिण में केंद्रित था। इस तूफ़ान के आज शाम या रात तक मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच तट पार करने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आंध्र प्रदेश को हर संभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया क्योंकि राज्य उच्च ज्वार, बाढ़ और व्यापक व्यवधान से जूझ रहा है। 

प्रमुख खबरें

Rajya Sabha में फिर भड़कीं SP MP Jaya Bachchan, टोका-टोकी पर बोलीं- बच्चे बैठ जाओ

प्रमोद तिवारी का Himanta Sarma पर पलटवार, BJP को Israel में बनानी चाहिए सरकार

Women Health: क्या प्रेग्नेंसी वाला Sugar, Delivery के बाद भी बना रहता है? जानें पूरा सच

Ram Navami पर PM Modi का राष्ट्र के नाम संदेश, प्रभु राम के आशीर्वाद से पूरा होगा Viksit Bharat का संकल्प