By अनन्या मिश्रा | Aug 20, 2026
बाएं हाथ में दर्द होना एक ऐसा लक्षण है, जिसको कई लोग गलत तरीके से सोने, थकान या ज्यादा काम करने का परिणाम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर बार इसको नजरअंदाज करना सही नहीं है। कई मामलों में यह दर्द हड्डियों, मांसपेशियों या नसों की समस्या से जुड़ा होता है। वहीं कुछ स्थितियों में यह दिल की बीमारी या हार्ट अटैक का शुरूआती संकेत हो सकता है।
बाएं हाथ में दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें नसों की समस्या, चोट, हड्डी की चोट, रीढ़ की बीमारी और मांसपेशियों का खिंचाव आदि शामिल है।
अगर सड़क दुर्घटना, गिरने या खेल के दौरान हाथ में चोट लगी हो और इसके बाद सूजन, तेज दर्द, हाथ हिलाने में परेशानी या हाथ का आकार बदलता दिखे, तो हड्डी टूटने की संभावना हो सकती है। फ्रैक्चर में लगातार दर्द बना रहता है और बिना इलाज के हड्डी सही तरीके से नहीं जुड़ती है।
गर्दन की रीढ़ में मौजूद डिस्क बाहर आकर नस पर दबाव डाल सकती है। ऐसी स्थिति में दर्द सिर्फ तक सीमित नहीं रहता है, बल्कि बाजू, कंधे और उंगलियों तक फैल सकता है। कुछ मरीजों के हाथ में झुनझुनी या फिर कमजोरी महसूस हो सकती है।
जब गर्दन से निकलने वाली नस दब जाती है, तो दर्द गर्दन से होते हुए पूरे हाथ तक जा सकता है। इसको सर्वाइकल रेडिक्युलोपैथी कहा जाता है।
जिम में भारी वजन उठाने, बार-बार एक ही तरह का काम करने या अचानक झटका लगने से मांसपेशियों और लिंगामेंट में खिंचाव आ सकता है। आमतौर पर ऐसी स्थिति में एक्टिविटी करने में दर्द बढ़ता है। वहीं आराम करने से धीरे-धीरे कम होने लगता है।
हार्ट अटैक के दौरान हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त ब्लड नहीं पहुंच पाता है। इसका दर्द सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता है, बल्कि नसों के साझा मार्ग के कारण बाएं कंधे, बाजू, जबड़े, गर्दन और पीठ तक फील हो सकता है।
हालांकि हर हार्ट अटैक में बाएं हाथ का दर्द नहीं होता है। बल्कि अगर यह सीने में दबाव या जकड़न के साथ हो, तो इसको भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सांस लेने में समस्या
सीने में दबाव या तेज दर्द
ठंडा पसीना आता
मतली या उल्टी
चक्कर आना
पीठ, गर्दन या जबड़े तक दर्द फैलना
बेहोशी महसूस होना
अचानक कमजोरी
यह हार्ट अटैक या अन्य गंभीर हृदय संबंधी समस्या के संकेत भी हो सकते हैं।
हालांकि हमेशा बाएं हाथ में दर्द हार्ट अटैक का संकेत नहीं होता है, बल्कि कई बार यह जानलेवा स्थिति की चेतावनी भी हो सकती है। अगर दर्द मोच, नस दबने, चोट या स्लिप डिक्स की वजह से है, तो समय पर इलाज से राहत मिल सकती है। अगर दर्द सांस फूलने, ठंडा पसीना, सीने में जकड़न या मतली जैसे लक्षणों के साथ होता है, तो फौरन आपको इमरजेंसी में मेडिकल सहायता लेना जरूरी है। वहीं दर्द की वजह की सही पहचान सही इलाज और गंभीर जटिलताओं से बचाव की कुंजी है।