कोविड-19 के इलाज के लिए परीक्षणगत दवा पेश करेगी हेटेरो, डीसीजीआई की अनुमति मिली

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 21, 2020

नयी दिल्ली। दवा कंपनी हेटेरो कोविड-19 के इलाज के लिए वायरल रोधी परीक्षणगत दवा रेमडेसिवीर पेश करेगी। कंपनी ने रविवार को कहा कि उसे इसके लिए भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) की अनुमति मिल गई है। हेटेरो ने बयान में कहा कि कंपनी को डीसीजीआई से रेमडेसिवीर के विनिर्माण और विपणन की अनुमति मिल गई है। रेमडेसिवीर के जेनेरिक संस्करण की भारत में ब्रिकी ‘कोविफोर’ ब्रांड नाम से की जाएगी। यह दवा 100 एमजी की शीशी (इंजेक्शन) के रूप में उपलब्ध होगी।

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बयान में कहा गया है कि डीसीजीआई ने बालिगों और बच्चों में संदिग्ध या पुष्ट कोविड-19 के मामलों या फिर इसके संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती लोगों के इलाज के लिए इस दवा को अनुमति दे दी है। कंपनी ने कहा कि भारत में कोविड-19 के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। ऐसे में कोविफोर को अनुमति पासा पलटने वाली साबित हो सकती है, क्योंकि इसके क्लिनिकल नतीजे काफी सकारात्मक रहे हैं। हेटेरो ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन बी पार्थ सराधी रेड्डी ने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यह उत्पाद जल्द देशभर के मरीजों को उपलब्ध हो सके।’’

उन्होंने कहा कि कंपनी मौजूदा जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करेगी। इस उत्पाद को भारतीय बाजार में गिलेड साइंसेज इंक के साथ लाइसेंसिंग करार के तहत उतारा जा रहा है। कंपनी ने कहा कि इस दवा को पेश करने का मकसद निचले या मध्यम आय वाले देशों में कोविड-19 का इलाज उपलब्ध कराना है। मई में घरेलू कंपनियों...हेटेरो, सिप्ला और जुबिलेंट लाइफ साइंसेज ने दवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी गिलेड साइंसेज के साथ रेमडेसिवीर के विनिर्माण और वितरण के लिए गैर-विशिष्ट लाइसेंसिंग करार किया था।

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