Mumbai Train Blasts | हाईकोर्ट ने किया मुंबई ट्रेन ब्लास्ट के आरोपियों को बरी, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

By रेनू तिवारी | Jul 22, 2025

महाराष्ट्र सरकार ने 2006 के मुंबई ट्रेन बम विस्फोट मामले में 12 आरोपियों को बरी करने के मुंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया। उच्चतम न्यायालय ने मुंबई ट्रेन बम विस्फोट मामले में 12 आरोपियों को बरी करने के मुंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर 24 जुलाई को सुनवाई करने पर सहमति जताई।

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ट्रेन विस्फोट मामले में जीवित बचे लोगों ने उच्च न्यायालय के फैसले को निराशाजनक बताया

उच्च न्यायालय द्वारा 2006 के मुंबई ट्रेन बम विस्फोट मामले के सभी 12 आरोपियों को सोमवार को बरी किए जाने के फैसले के बाद इस आतंकी हमले में जीवित बचे लोगों ने गहरे आघात के साथ निराशा व्यक्त की। इस मामले में ये लोग न्याय के लिए 19 वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। विस्फोट में जीवित बचे चिराग चौहान ने आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले पर निराशा व्यक्त की और कहा कि ‘न्याय की हत्या कर दी गई।’ चौहान व्हीलचेयर के सहारे हैं और वह पेशे से ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट’ (सीए) हैं। फैसले के कुछ घंटों बाद चौहान (40) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर फैसले पर गहरी निराशा व्यक्त की और कहा कि ‘आज देश का कानून विफल हो गया।’ यहां सात ट्रेनों में विस्फोट में 180 से अधिक लोगों की मौत के 19 साल बाद मुंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया और कहा कि अभियोजन पक्ष मामले को साबित करने में पूरी तरह विफल रहा, जिससे यह विश्वास करना कठिन है कि आरोपियों ने अपराध किया है। चौहान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज सभी के लिए बहुत दुखद दिन है। न्याय की हत्या कर दी गई। हजारों परिवारों को हुई अपूरणीय क्षति और पीड़ा के लिए किसी को सजा नहीं मिली।’’

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