भाजपा के तीन दिवसीय आयोजन को लेकर उच्च न्यायालय सख्त किया नोटिस जारी, निर्णय का कांग्रेस ने किया स्वागत

By दिनेश शुक्ल | Aug 24, 2020

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भाजपा के तीन दिवसीय सदस्यता अभियान को लेकर उच्च न्यायालय की ग्वालियर खण्ड़पीठ में दायर याचिका पर उच्च न्यायालय द्वारा सोमवार को पारित आदेश को कांग्रेस ने स्वागत योग्य बताया है। कांग्रेस के मीडिया प्रभारी (ग्वालियर-चम्बल संभाग) के.के. मिश्रा ने आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि माननीय उच्च न्यायालय ने कोविड़-19 को लेकर गृह मंत्रालय की गाइड लाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उन्हीं कलेक्टर, एस.पी. को कार्यवाहीं करने हेतु अधिकृत किया है, जो इस तरह का उल्लंघन करने और करवाने वालों के सहयोगी/दोषी रहे हो तो उनके विरूद्ध कार्यवाहीं कौन करेगा।

 

इसे भी पढ़ें: सोनिया जी और गांधी परिवार पर अंगुली उठाने वाले शिवराज जी अपनी तरफ तो देखो- जीतू पटवारी

के.के. मिश्रा ने कहा कि उच्च न्यायालय के पारित आदेश के बाद भी भाजपा के सदस्यता अभियान जारी रहने की शिकायत उन्होंने ग्वालियर और भिण्ड जिलें के कलेक्टर और एस.पी. को उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश की प्रति के साथ मेल के माध्यम से करते हुये कहा कि इस पारित आदेश के बाद भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान सहित अन्य भाजपा नेताओं की उपस्थिति में कार्यक्रम जारी रहा जो उच्च न्यायालय के आदेश की सीधी अवमानना है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने सख्ती दिखाते हुए  भिंड, मुरैना और ग्वालियर के कलेक्टर को दिया नोटिस जारी किया है। हाई कोर्ट की युगल पीठ ने सोमवार को उस जनहित याचिका की सुनवाई की, जिसमें भाजपा के सदस्यता अभियान के कार्यक्रम को चुनौती दी थी। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब शादी समारोह व अंत्येष्टी में लोगों की संख्या निर्धारित की है तब शहर में इतना पड़ा राजनैतिक कार्यक्रम करने की अनुमति किसने दी। कार्यक्रम में सुरक्षित शारीरिक दूरी कहां दिख रही है।


All the updates here:

प्रमुख खबरें

Assam CM Himanta का बयान, PM Modi के रहते हमारी जीत को कोई दीवार रोक नहीं सकती

Horoscope 15 February 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल

आखिर सेवा तीर्थ से उपजते सियासी सवालों के जवाब कब तक मिलेंगे?

Amit Shah का Rahul Gandhi पर बड़ा हमला, बोले- व्यापार समझौतों पर फैला रहे हैं भ्रम