By अनुराग गुप्ता | Aug 31, 2021
नयी दिल्ली। अफगानिस्तान की स्थिति से अभी हर कोई वाकिफ है। इसी बीच नरेंद्र मोदी सरकार ने पड़ोसी मुल्क की स्थिति पर नजर रखने के लिए और भारत के हितों और प्राथमिकताओं का ध्यान रखने के लिए एक उच्च स्तरीय समूह का गठन किया है। जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है।
200 अमेरिकी अभी भी काबुल में फंसेगौरतलब है कि अमेरिका ने दो दशकों से जारी जंग को समाप्त करते हुए काबुल हवाई अड्डे को अलविदा कहा। अफगानिस्तान के एक प्रांत को छोड़ दिया जाए तो पूरी तरह से तालिबान का कब्जा है। वहां पर अभी भी करीब 200 अमेरिकी लोग मौजूद हैं, जिन्हें निकालने के लिए बाइडेन प्रशासन रणनीतियां तैयार कर रहा है।