हिमाचल प्रदेश सरकार ने फार्मा पार्क स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया

By विजयेन्दर शर्मा | Jan 21, 2022

 शिमला ।  मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां कहा कि लगभग 750 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के साथ एपीआई और कैप्सूल सैल निर्माण एवं फार्मुलेशन संबंधी गतिविधियों वाला फार्मा पार्क स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार ने मेसर्स जेगस फार्मा प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए। इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से 1000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति ने प्रदेश सरकार की ओर से समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए।

इसे भी पढ़ें: युद्धपोत आईएनएस रणवीर में हुये विस्फोट में शहीद सुरेंद्र डटवालिया की राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि

उन्होंने कहा कि लगभग 20 से 30 एकड़ जमीन पर यह फार्मा पार्क स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के साथ लगभग आठ से दस सहायक इकाईयां स्थापित होने की भी उम्मीद है। हिमाचल में पहले से ही पिछले 20 वर्षों के दौरान निवेशकों द्वारा विभिन्न फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन और सम्बद्ध उद्योग कार्य कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने टैक्स हाट कार्यक्रम का शुभारंभ किया

उन्होंने कहा कि इस पार्क की अनुमानित एपीआई क्षमता 4000 टन होगी जिसमें दर्द निवारक, एंटी बायोटिक, एंटी डायबिटिक, कार्डियों वास्कुलर इत्यादि दवाओं का निर्माण किया जाएगा, जो स्थानीय फॉर्मूलेशन को भी बढ़ावा देगी। प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने के लिए अत्याधिक प्रतिस्पर्धी बोली जमा की गई है। इसका मूल्यांकन भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा नालागढ़ में 850 करोड़ रुपये के निवेश के साथ किनवन फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है जो देश की 57 प्रतिशत एंटीबायोटिक आवश्यकता की पूर्ति करेगा। भारत के फार्मास्युटिकल विभाग ने पहले से ही उत्पादन से जुड़ी योजना की मंजूरी प्रदान कर दी है, जिससे भारत फार्मा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।

प्रमुख खबरें

Beauty Tips: बेसन के ये ब्यूटी सीक्रेट्स आपकी स्किनकेयर रूटीन बदल देंगे

Iran vs US: कुवैत में अमेरिकी Airbase पर बड़ा Drone Attack, ईरान ने लिया Qeshm Island का बदला

Sun Pharma बना देश का Pharma Leader, India Business में 16% की बढ़त के साथ दर्ज किया तगड़ा Net Profit

Health tTps: भूलने की आदत को हल्के में न लें, वजह हो सकती है B12 की कमी