By नीरज कुमार दुबे | May 02, 2023
पाकिस्तान में इन दिनों बुरा हाल है। एक तरफ यह दक्षिण एशियाई देश सदी के सबसे बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है तो दूसरी तरफ अब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश राज्यमंत्री हिना रब्बानी खार के बीच हुई सीक्रेट बातचीत लीक हो गई है। इस बातचीत के लीक होने से तो हंगामा मचा ही है साथ ही यह प्रश्न भी खड़ा हुआ है कि पाकिस्तान की विदेश नीति का संचालन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी कर रहे हैं या उनकी जूनियर हिना रब्बानी खार?
पाकिस्तानी समाचारपत्र द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 'पाकिस्तान के कठिन विकल्प' शीर्षक वाले इस गुप्त मेमो के कुछ हिस्से अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने जारी किये थे। जिसके मुताबिक विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान को पश्चिम को खुश करने के अहसास से बचना होगा। इस मेमो के मुताबिक हिना रब्बानी खार ने शहबाज शरीफ को चेतावनी दी थी कि देश अब चीन और अमेरिका के बीच एक जमीन बनाए रखने का प्रयास नहीं कर सकता है। लीक दस्तावेजों के मुताबिक एक मेमो में हिना रब्बानी खार का तर्क था कि पाकिस्तान यदि अमेरिका के साथ साझेदारी को बचाने के प्रयास करता रहेगा तो चीन के साथ उसके असल रणनीतिक रिश्ते की बलि चढ़ जाएगी।
हम आपको बता दें कि इन दस्तावेजों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हंगामा मचा रखा है हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका को हिना रब्बानी खार के यह मेमो कैसे हासिल हुए। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या हिना रब्बानी खार पर अमेरिका को पहले से शक था इसलिए उनकी जासूसी की जा रही थी? सवाल यह भी उठता है कि पाकिस्तान के और कितने मंत्री अमेरिकी खुफिया एजेंसी के रडार पर हैं? बहरहाल, बताया जा रहा है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी के दस्तावेजों की लीक का यह मामला साल 2010 के विकीलीक्स से भी ज्यादा बड़ा है क्योंकि इसमें कई अन्य रहस्योद्घाटन भी हुए हैं जोकि जल्द ही सामने आयेंगे।