Hiring Rush का बड़ा खतरा: 57% कंपनियां Background Check से कर रहीं समझौता, रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 25, 2026

देश में आधे से अधिक नियोक्ताओं का मानना है कि कर्मचारियों की जल्दबाजी में भर्ती करने के चक्कर में नियोक्ता कंपनियां ‘पृष्ठभूमि जांच मानकों’ से समझौता कर रही हैं। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। कार्यबल नियुक्ति और मानव संसाधन समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनी ‘जीनियस एचआरटेक’ की रिपोर्ट के अनुसार, 57 प्रतिशत प्रतिभागियों का मानना है कि संगठन तेजी से नियुक्ति पूरी करने के लिए पृष्ठभूमि सत्यापन मानकों में ढील दे रहे हैं।

सर्वेक्षण में शामिल हुए 33 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि उन्हें सत्यापन प्रक्रिया के दौरान फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए शैक्षणिक प्रमाणपत्र मिले। इतनी ही संख्या में प्रतिभागियों ने पहचान या पते से जुड़ी गड़बड़ियों की भी जानकारी दी। इसके अलावा, 21 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि उन्होंने दोहरी नौकरी या एक साथ कई जगह काम करने के मामले भी पकड़े हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पृष्ठभूमि सत्यापन में प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों की ओर तेजी से रुझान बढ़ रहा है।

करीब 63 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि अगले तीन वर्षों में कृत्रिम मेधा आधारित पहचान सत्यापन, डिजिटल ‘केवाईसी’ और निरंतर निगरानी अधिकांश संगठनों में सामान्य भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बन जाएंगे। ‘जीनियस एचआरटेक’ के चेयरमैन आर. पी. यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘आज भर्ती केवल तेजी का विषय नहीं रह गई है, बल्कि भरोसे, प्रामाणिकता और दीर्घकालिक कार्यबल विश्वसनीयता से भी जुड़ी है।

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